बाड़मेर और बालोतरा में हो रहे सांसद खेलकूद महोत्सव को लेकर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा- जिन प्रतिनिधियों को जनता ने नकार दिया है। जबरदस्ती जनता के बीच में जाकर कोई एमएलए तो कोई एमपी बनकर घूम रहा है। जनता के द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों के नाम पर खेलकूद प्रतियोगिता करवाकर जनता को साबित करना चाह रहे है कि असली प्रतिनिधि तो हम हैं। मामले को विशेषाधिकार हनन कमेटी तक ले जाऊंगा। सांसद ने दावा किया कि दोनों जिलों के कलेक्टरों का कहना है कि हम पर ऊपर से दबाव है। 3 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला 1. बाड़मेर और बालोतरा जिले में सांसद खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जा रहा है। बुधवार को चौहटन विधानसभा मे सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ हुआ। गुरुवार को बायतु विधानसभा में इसमें कबड्‌डी, खो-खो, कुश्ती-जुड़ो और शतरंज लेकिन इसमें बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल को आमंत्रित ही नहीं किया गया था। 2. खेल प्रतियोगिता सांसद नाम से हो रही है। इस कार्यक्रम को लेकर बायतु ब्लॉक शिक्षा विभाग की ओर से 5 अलग-अलग आदेश निकालकर पीटीआई और पीईईओ की नियुक्ति की गई। 3. इस पर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने आयोजन पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में बाड़मेर और बालोतरा जिला कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर इस खेल महोत्सव को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। मामले को लेकर पूर्व सांसद कैलाश चौधरी ने कहा- इसमें ईर्ष्या की बात ही नहीं। पत्र लिखना उनकी मानसिकता है। मैं मेरा काम कर रहा हूं। जो विरोध कर रहे हैं वे भी अपना काम करें। बेनीवाल बोले- जबरदस्ती एमएलए, एमपी बनकर घूम रहे है सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मीडिया बातचीत में सांसद खेलकूद महोत्सव पर बोलते हुए कहा- जिन प्रतिनिधियों को जनता ने नकार दिया है। जबरदस्ती जनता के बीच में जाकर कोई एमएलए तो कोई एमपी बनकर घूम रहा है। लेकिन जनता सब समझदार है। आने वाले समय में इन सभी चीजों का जनता जवाब देगी। बीजेपी की हिटलरशाही नीति है, हारे हुए जनाधार खोए हुए सांसद बने घूम रहे है पूर्व सांसद कैलाश चौधरी खेल विरोधी आरोपों पर सांसद ने कहा- हम खेल विरोधी नहीं है। आज सुबह भी एक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ करवाकर आया हूं। हम खेल विरोधी नहीं है यह लोकतंत्र के विरोधी है। जो जनता के द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों के नाम पर खेलकूद प्रतियोगिता करवाकर जनता को साबित करना चाह रहे है कि असली प्रतिनिधि तो हम है। आपने जीता दिया उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इनकी हिटलरशाही नीति है, जो बीजेपी सरकार की है। कलेक्टरों पर बड़े मंत्रियों और बड़े अधिकारियों का दबाव है सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा- इस संबंध में कलेक्टर से भी बात की है। दोनों कलेक्टरों ने कहा कि हमारे पास ऐसा कोई आदेश नहीं है। यह तो हमारे ऊपर दबाव आ रहा है। बड़े मंत्रियों और बड़े अधिकारियों का। इसलिए हमको करवाना पड़ रहा है। हमने खेलकूद प्रतियोगिता करवाने के आदेश नहीं निकाले है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कलेक्टर ने बोला कि शिक्षा विभाग करवा रहा है। शिक्षा विभाग बोल रहा है कि हमारे पास कोई आदेश नहीं है। लेकिन यह धुड़पट में अंदर काम चल रहा है। जनता सब देख रही है। इस मामले को संसद की विशेषाधिकार कमेटी तक लेकर जाऊंगा। यह बिल्कुल विशेषाधिकार हनन का मामला है। इस मामले को छोड़ेंगे नहीं।