पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा और पंजाब कर्मचारी फोरम संयुक्त तालमेल कमेटी के राज्य स्तरीय आह्वान पर संगरूर में शनिवार को सैकड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका। प्रदर्शन रघवीर सिंह भवानीगढ़ और सतनाम सिंह संधू के नेतृत्व में शहीद भगत सिंह चौक पर किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के बैठक में शामिल नहीं होने और कर्मचारियों व पेंशनर्स की मांगों के प्रति कथित नकारात्मक रवैये पर रोष जताया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, बकाया 18 प्रतिशत डीए जारी करने, पुराना पे स्केल बहाल करने, 37 भत्ते बहाल करने तथा पे कमीशन और एसीपी की सिफारिशें लागू करने समेत उनकी कई मांगें लंबित हैं। प्रदर्शनकारी बोले- मांगें पूरी नहीं होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी वाले सरकारी पत्र पर भी नाराजगी जताई। नेताओं ने कहा कि वे ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार ने डीए की किस्त जारी नहीं की और बार-बार समय मांगने के बावजूद कर्मचारियों से बातचीत नहीं की। उन्होंने दावा किया कि हालिया आम हड़ताल पूरी तरह सफल रही, जिससे सरकार दबाव में है। कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर कर्मचारियों को परिवार का हिस्सा बताया जाता है, जबकि दूसरी ओर कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 30 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद अगली रणनीति तय की जाएगी।
