‘वारिस पंजाब दे’ प्रमुख अमृतपाल सिंह के करीबी सहयोगी गुरमीत सिंह बुक्कनवाला को शनिवार को विशेष पैरोल पर बठिंडा जेल से बाहर लाया गया। उन्हें अपने पिता बलविंदर सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें वापस हिरासत में लेकर जेल ले गई। गुरमीत सिंह को उनके पैतृक गांव बुक्कनवाला लाया गया, जहां उन्होंने अपने दिवंगत पिता की अंतिम रस्में पूरी कीं और चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों के अलावा ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े नेता और समर्थक भी मौजूद रहे। अमृतपाल सिंह के माता-पिता भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। अमृतपाल का करीबी सहयोगी है गुरमीत गुरमीत सिंह बुक्कनवाला को अमृतपाल सिंह का करीबी सहयोगी माना जाता है। उन्हें पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में हिरासत में रखा गया था। वर्ष 2025 में गुरमीत सिंह और अमृतपाल सिंह के कुछ अन्य सहयोगियों के खिलाफ NSA की धाराएं हटाई गई थीं। इसके बाद उन्हें बठिंडा जेल में स्थानांतरित किया गया। ‘वारिस पंजाब दे’ ने गुरमीत सिंह बुक्कनवाला को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। ऐसे में उनकी राजनीतिक गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद विशेष पैरोल की अवधि समाप्त होने पर पुलिस गुरमीत सिंह को वापस बठिंडा जेल ले गई।