चंडीगढ़ में दीवाली पर कुल 26 लोग चोटिल हुए, जिनमें मोहाली और पंचकुला के भी लोग शामिल थे। पीजीआई के एडवांस्ड आई सेंटर ने 20 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक 24 घंटे इमरजेंसी ड्यूटी लगाई। इस दौरान 48 घंटे में कुल 26 मरीज आए, जिनमें 23 पुरुष और 3 महिलाएं थीं। इनमें 13 मरीज (लगभग 50%) बच्चे थे, सबसे छोटा 3 साल का था। मरीजों में से 14 ट्राई सिटी (चंडीगढ़-9, मोहाली-5) से और बाकी पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आए। 11 लोग आस-पड़ोस के लोग थे और 15 मरीज खुद पटाखे फोड़ रहे थे। पटाखों से चोटिल मरीजों में बम-11, रॉकेट-3, फुलझड़ी-1, स्काई शॉट-4, लैंटर्न कैंडल-1 और पोटाश गन-1 शामिल थे। 26 मरीजों में से 10 का ऑपरेशन किया गया। 19 मरीजों की चोटें गंभीर नहीं थीं, लेकिन 4 मामलों में गंभीर चोटें थीं। बर्न इंजरी के मरीज पीजीआई प्रशासन के अनुसार प्लास्टिक सर्जरी विभाग में 7 मरीज आए। 3 मरीजों के हाथ में चोटें लगीं, 1 मरीज के चेहरे में चोट आई। सभी का ऑपरेशन किया गया। 1 मरीज को मामूली बर्न था और उसे छुट्टी दे दी गई। 2 मरीजों को गंभीर बर्न के कारण ICU और HDU में रखा गया। नगर निगम की फायर और रेस्क्यू टीम की तैनाती नगर निगम की फायर ब्रिगेड ने दिवाली के लिए शहर को 7 फायर जोन में बांटा और हर जोन के स्टेशन फायर ऑफिसर को जिम्मेदारी दी।पटेल मार्केट सेक्टर-15, प्लाजा सेक्टर-17, सदर/पलिका बाजार सेक्टर-19, अरोमा लाइट पॉइंट (शास्त्री मार्केट सेक्टर-22), ग्रेन मार्केट सेक्टर-26 और मैन बाजार मणिमाजरा में फायर वाहन तैनात किए गए।12 पटाखा फोड़ने की साइटों पर फायर वाहन तैनात थे। सभी फायर स्टेशनों पर वाहन तैयार रखे गए।19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कर्मियों की छुट्टी रोकी गई।
