सीमावर्ती जिले पठानकोट के अधीन आते गांव नियाल में तेज बारिश के कारण एक गरीब परिवार के मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा तड़के करीब 5 बजे हुआ, जब परिवार के सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। गनीमत यह रही कि गाडर टूटने की आवाज सुनते ही परिवार के लोग बड़ी मुश्किल से समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और जान-माल का बड़ा नुकसान होने से बच गया। बता दें, हादसे के समय घर के भीतर 5 लोग मौजूद थे। अब परिवार की ओर से सरकार की ओर से मिलने वाली ग्रांट को जल्द जारी करने की मांग की गई है। सुबह 5 बजे कड़कड़ाकर गिरी जर्जर छत, बची जान पीड़ित परिवार के सदस्य अजय सिंह ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके मकान की छत की हालत पहले से ही काफी जर्जर थी। हादसे का समय: सुबह करीब 5 बजे जब बारिश हो रही थी, तभी अचानक छत का जर्जर गाडर टूट गया और पूरी छत नीचे आ गिरी। मुश्किल से बचा परिवार: पीड़ित ने बताया कि वे सभी घर के अंदर सोए हुए थे। गनीमत रही कि समय रहते वे बाहर भागने में सफल रहे, वरना कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। सरपंच से बार-बार मांगी ग्रांट, पर हर बार मिला सिर्फ आश्वासन पीड़ित अजय कुमार ने बताया कि उनका परिवार बेहद गरीब है और मेहनत-मजदूरी करके गुजारा करता है। उन्होंने अपने कच्चे/जर्जर मकान की मरम्मत के लिए गांव के सरपंच और स्थानीय नुमाइंदों से कई बार गुहार लगाई थी। लापरवाही का आरोप: अजय कुमार ने आरोप लगाया कि सरपंच और अन्य प्रतिनिधियों को बार-बार कहने के बावजूद उन्हें केवल यह कहकर टाल दिया जाता था कि काम हो जाएगा, थोड़ा समय लगेगा। कागजों में उलझी मदद: सरपंच द्वारा ग्रांट जारी करने में की गई देरी के कारण आखिरकार बारिश में उनका मकान ढह गया और अब उनके सिर से छत पूरी तरह से छिन चुकी है। प्रशासन से त्वरित मुआवजे और पक्के मकान की मांग मकान ढहने के बाद अब इस गरीब परिवार के सामने रहने और खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने पठानकोट जिला प्रशासन और पंजाब सरकार से मांग की है कि: त्वरित जायजा व नुकसान का आकलन: प्रशासनिक टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर उनके ढहे मकान के नुकसान का सर्वे करे। तत्काल मुआवजा व पक्की छत: बारिश के मौसम को देखते हुए उनके परिवार को तुरंत राहत कोष/सरकारी योजना के तहत पक्का मकान बनाने के लिए वित्तीय ग्रांट जारी की जाए ताकि वे सुरक्षित रह सकें।