दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास की रोशनी है। हर घर की जगमगाहट यह याद दिलाती है कि जब हम अपनी मिट्टी, अपने लोगों और अपने उत्पादों पर भरोसा करते हैं, तभी भारत सच्चे अर्थों में विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ता है। यह कहना है मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का। उन्होंने बताया- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘स्वदेशी’ का संदेश अब एक जनआंदोलन बन चुका है। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है कि वे अपने स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक पहचान दिलाएंगे। त्योहारों का मौसम केवल उपभोग का नहीं, बल्कि अपने लोगों के सहयोग का भी अवसर है। जब हम अपने गांवों, कस्बों और छोटे व्यवसायों से सामान खरीदते हैं, तब हम करोड़ों परिवारों के सपनों को रोशनी देते हैं और उनकी आजीविका में योगदान करते हैं। ‘देश का पैसा देश में, देश का पानी देश में’ – यही आत्मनिर्भर भारत का सच्चा अर्थ- राठौड़ उन्होंने कहा- आज जब भारत की एकता और आत्मविश्वास पर नकारात्मक स्वर सुनाई देते हैं, तब भीतर से सशक्त बनना और भी आवश्यक हो जाता है। हर स्वदेशी खरीद न केवल देश की अर्थव्यवस्था को बल देती है, बल्कि राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के किले को भी मजबूत करती है। ‘देश का पैसा देश में, देश का पानी देश में’ – यही आत्मनिर्भर भारत का सच्चा अर्थ है। स्वदेशी का अर्थ अब केवल हस्तशिल्प या घरेलू वस्तुओं तक सीमित नहीं है। आज भारत डिजिटल युग में भी स्वदेशी तकनीक को प्राथमिकता दे रहा है। सरकार के सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में भारतीय सॉफ्टवेयर और भारतीय बौद्धिक संपदा (IP) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह कदम प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ विजन का विस्तार है, जिससे भारत न केवल उत्पाद में, बल्कि प्रौद्योगिकी में भी आत्मनिर्भर बने। ग्राम पंचायत बबेरवालों की ढाणी में कुछ प्रेरणादायी महिलाओं से मुलाकात उन्होंने बताया- इसी कड़ी में, राजस्थान के ग्राम पंचायत बबेरवालों की ढाणी में कुछ प्रेरणादायी महिलाओं से मुलाकात हुई। वे स्वयं नमकीन और बाजरे के बिस्किट बनाकर अपने दम पर सफल व्यवसाय चला रही थीं। उनके पास संसाधन सीमित थे, पर हौसला असीम था। इन महिलाओं की मेहनत ने यह साबित किया कि प्रधानमंत्री का ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन अब गांवों की ज़मीन पर जड़ें जमा चुका है और मूर्त रूप ले रहा है। इन महिला समूहों को अब ONDC प्लेटफॉर्म से जोड़े जाने की पहल की जा रही है, ताकि उनके उत्पाद राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुंच सकें। यही वह क्षण है जब Digital India सचमुच Gramin Bharat से जुड़ता है इस दीपावली पर हमारा संकल्प; उत्पाद में स्वदेशी, तकनीक में स्वदेशी, और विचार में भी स्वदेशी देशभर में झोटवाड़ा व्यापार मंडल जैसे स्थानीय व्यापार संगठनों को आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जा रहा है। इससे छोटे व्यापारियों को नए ग्राहक, नए बाज़ार और नई पहचान मिल रही है। यह प्रयास केवल कारोबार बढ़ाने का नहीं, बल्कि हर छोटे उद्यमी को “आत्मनिर्भर भारत” की कहानी का हिस्सा बनाने का है। इस दीपावली पर हमारा संकल्प स्पष्ट है; उत्पाद में स्वदेशी, तकनीक में स्वदेशी, और विचार में भी स्वदेशी।
