नागौर जिले की खींवसर पुलिस ने एक ऐसे चोर गिरोह का खुलासा किया है जो ट्रेलर लेकर चोरी करने जाता था। गैंग के लोग वारदात वाली जगह से कुछ दूरी पर 18 चक्का ट्रेलर खड़ा कर देते थे। अपना मोबाइल भी गाड़ी में रख देते थे। इसके बाद चोरी करने जाते थे। ASP आसाराम चौधरी ने बताया- गिरोह राजस्थान और मध्यप्रदेश में 100 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। गैंग ने पिछले दो साल में करीब 10 करोड़ रुपए से अधिक की ज्वेलरी और कैश चोरी की है। 6 अगस्त को बिरलोका निवासी रतनसिंह के घर करीब 8.30 लाख रुपए की चोरी हुई। इसके बाद पता चला कि आरोपियों ने चोरी की बाइक पर आकर वारदात की थी। सीसीटीवी में पता चला कि चोरी करने वाले स्थान से कुछ दूरी पर एक ट्रेलर का भी मूवमेंट हुआ है। यही ट्रेलर एक फुटेज में चोरी की बाइक के आगे- आगे भी दिखाई दिया था, जिसके बाद पुलिस ने ट्रेलर की पड़ताल की। करीब 400 सीसीटीवी कैमरों और 18 टोल प्लाजा की फुटेज से सभी सबूत पुख्ता करने के बाद भीलवाड़ा से 14 अगस्त की रात को 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने रविवार को पूरी घटना का खुलासा किया। 650 किमी तक किया पीछा
ASP आसाराम चौधरी ने बताया कि गिरोह 13 अगस्त को चित्तौड़गढ़ से ट्रेलर लेकर निकला है। इसके बाद खींवसर पुलिस ने पीछा शुरू किया। आरोपी रास्ते में पुलिस को चकमा देकर जयपुर की ओर निकल गए। पुलिस टीम ने करीब 650 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद 14 अगस्त को भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में ट्रेलर को रोककर पांचों आरोपियों को पकड़ लिया। ट्रेलर से करते थे चोरी की तैयारी
आरोपी चोरी के लिए ट्रेलर का इस्तेमाल करते थे। रात में ट्रेलर को सड़क किनारे खड़ा कर देते थे। एक आरोपी ट्रेलर में रहता और दूसरा गांव के बाहर निगरानी करता था। जबकि अन्य तीन आरोपी घरों के दरवाजे और खिड़की तोड़कर चोरी की वारदात करते थे। दूर के घरों को निशाना बनाने के लिए आरोपी आसपास से बाइक चोरी कर वारदात की जगह पहुंचते और बाद में बाइक को 8 से 10 किलोमीटर दूर छोड़ देते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी वारदात के दौरान मोबाइल फोन अपने पास नहीं रखते थे और बार-बार रास्ता बदलते थे। हालांकि बाइक के साथ- साथ ट्रेलर भी चलता था, जब इसकी टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी में पुष्टि हुई तो ट्रेलर की फास्टैग से डिटेल निकाली गई। इसके बाद पता चला कि यह ट्रेलर हमेशा खाली ही गुजरता है, जिसमें आरोपी सिर्फ वारदात करने के लिए जाते थे। नागौर में 12 वारदातों का खुलासा
पूछताछ में गिरोह ने नागौर जिले में चोरी और नकबजनी की 12 वारदातों का खुलासा किया है। इनमें खींवसर, बिरलोका, पांचला सिद्धा, भाकरोद, मूंडवा क्षेत्र के मिर्जास, पालड़ी पिचकियां, रामसिया और सदर नागौर क्षेत्र की वारदातें शामिल हैं। इसके अलावा जोधपुर, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, बीकानेर, जयपुर और फलोदी में भी वारदात करना स्वीकार किया है। पुलिस ने शैतान, राजेंद्र, राजू, रतनलाल और नानू को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी चित्तौड़गढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। पुलिस ने गिरोह के खिलाफ BNS की धारा 111(2) के तहत भी कार्रवाई की है। मामले में आरोपियों से पूछताछ जारी है और चोरी के माल और अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
