जयपुर में रविवार को बूढ़ी तीज माता की शाही सवारी धूमधाम और राजसी परंपराओं के साथ निकाली जाएगी। सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी से शुरू हुई तीज माता की सवारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी, देशी-विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचे हैं। तीज माता को चांदी की करीब 400 किलो वजनी पालकी में विराजमान कर शाही सवारी के रूप में रवाना किया जाएगा। शौर्य सेवा संस्था संगठन की खुशी नरुका ने बताया- दीया कुमारी के निमंत्रण पर लड़कियों का ग्रुप तीज समारोह में शामिल हुआ है। हम यहां तलवार बाजी की कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका यही मैसेज है कि लड़कियां कही से कमजोर नहीं है। बीकानेर से आए रमेश व्यास ने बताया- मेरी साढ़े तीन फीट की दाढ़ी है। लंबी दाढ़ी रखना आसान नहीं है, इसके लिए खासा खर्चा करना पड़ता है। प्रदेश में मुझे दूसरे नंबर का अवार्ड मिला हुआ है। हमारा ग्रुप यहां आया हुआ है। 175 कलाकार शामिल होंगे इस बार तीज की शाही सवारी राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति का चलता-फिरता मंच नजर आएगे। सवारी में कालबेलिया, गैर, कच्छी घोड़ी, चरी-घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली, बहरूपिया और मशक वादन सहित अनेक लोक कलाओं की प्रस्तुतियां देखने को मिलेगी। कुल 175 कलाकार लोक संस्कृति के रंग बिखेरेंगे।