क्या एक पुलिस इंस्पेक्टर की 1 सेकंड की फुर्ती किसी बड़ी अनहोनी को रोक सकती है? नांदेड़ में यही हुआ, जब माता साहिब गुरुद्वारे के बाहर निकलते वक्त सुखबीर बादल पर हमले की कोशिश हुई और इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र बीच में ढाल बनकर खड़े हो गए. उनकी सतर्क नजर ने शॉल के नीचे छिपी कृपाण को पहले ही पकड़ लिया, वरना हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते थे.
