भरतपुर के सेना में हवलदार दयाराम गुर्जर (36) का ट्रेन में पेट्रोलिंग के समय हार्ट अटैक से निधन हो गया। मंगलवार को पैतृक गांव बयाना के दर्र बराहना में सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। महिलाओं ने अर्थी को कंधा दिया। पत्नी और 6 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष बलराम कांवर ने बताया- हवलदार दयाराम गुर्जर भारतीय सेना की 16 राजपूत रेजिमेंट में तैनात थे। वे साल 2010 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पहली तैनाती ग्लेशियर क्षेत्र में हुई थी। वर्तमान में वे दिल्ली कैंट स्थित 16 राजपूत रेजिमेंट में तैनात थे। रविवार रात दिल्ली से पंजाब जा रही सैनिकों की ट्रेन में ड्यूटी के दौरान पेट्रोलिंग करते समय उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया। सुबह करीब 10:30 बजे पार्थिव देह बयाना के भीमनगर पहुंची। यहां से पैतृक गांव तक सेना के वाहन के साथ बड़ी संख्या में लोग बाइक पर सवार होकर साथ चले। इस दौरान लोग भारत माता की जय, वंदे मातरम और दयाराम गुर्जर अमर रहे के नारे लगा रहे थे। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने सेना के ट्रक पर फूल बरसाए। गांव में परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। हवलदार की अर्थी को पत्नी बबलेश गुर्जर और परिवार की महिलाओं ने कंधा दिया। श्मशान घाट में जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पत्नी बबलेश गुर्जर और 6 साल के बेटे अमन ने मुखाग्नि दी। पत्नी, बेटा और दो बेटियां पीछे छोड़ गए हवलदार दयाराम गुर्जर अपने पीछे पत्नी, एक बेटा, दो बेटियां छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार के दौरान विधायक डॉ. ऋतु बनावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा, गढ़ीबाजना थाना प्रभारी श्यामलाल मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। अंतिम यात्रा के PHOTOS…
….. ये खबर भी पढ़ें… नासा ने मंगल पर भेजा अलवर के NSG-कमांडो का नाम:मुंबई आतंकी हमले में 40 लोगों की जान बचाने वाले ऑपरेशन में थे शामिल, 8 गोली लगीं अलवर के रहने वाले NSG कमांडो सुनील कुमार जोधा का नाम नासा ने मार्स (मंगल) पर भेजा है। सुनील मुंबई के ताज होटल में 26/11 आतंकी हमले के खिलाफ चलाए गए कमांडो ऑपरेशन का हिस्सा थे। इस दौरान उनकी टीम ने 40 लोगों की जान बचाई थी। इस ऑपरेशन के दौरान सुनील को 8 गोलियां लगी थीं। पूरी खबर पढ़ें… पिता को सैल्यूट कर रोने लगा बेटा,जवान का अंतिम संस्कार:6 घंटे तक परिजनों ने नहीं लिया था शव; शहीद का दर्जा देने पर अड़े थे चूरू के सादुलपुर के बीआरओ जवान जगवीर रेपसवाल (40) को 13 साल के बेटे राहुल ने मुखाग्नि दी। श्मशान में अंतिम संस्कार से पहले बेटे ने पिता को पुष्पचक्र अर्पित कर आखिरी सैल्यूट किया और रोने लगा। इससे पहले शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर 6 घंटे तक परिजनों ने धरना दिया था। पूरी खबर पढ़ें…
