जैसलमेर जिले के ऐतिहासिक और पवित्र देगराय ओरण क्षेत्र में इन दिनों एक जलपक्षी ‘छोटा जलकौआ’ (लिटिल कॉर्मोरेंट) देखा गया है। यह पानी में डुबकी लगा कर मछलियां अरु मेंढक पकड़ता है। इसके बाद पंख भीग जाने पर धूप में सूखने के लिए बैठ जाता है। हाल ही में हुई बारिश के बाद देगराय ओरण के जल स्रोतों और तालाबों में भरपूर पानी आ गया है, जिससे यहां नए-नए पक्षियों का आना शुरू हो गया है। गहरे काले रंग और अनोखी बनावट वाले इस पक्षी को पानी के पास देखा गया, जिसे देखकर पर्यावरण प्रेमी और बर्ड वॉचर्स काफी उत्साहित हैं। पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह सांवता ने बताया- रेगिस्तानी इलाके में इस तरह के जलपक्षी का दिखाई देना देगराय ओरण के समृद्ध और स्वस्थ पर्यावरण को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी और भोजन की तलाश में यह पक्षी यहां पहुंचा है। पानी में गोता लगाने में माहिर है यह पक्षी देगराय ओरण बना पक्षियों का सुरक्षित ठिकाना जैसलमेर का देगराय ओरण लंबे समय से जैव विविधता का केंद्र रहा है। यहां के विशाल ओरण क्षेत्र और जल स्रोतों में मानसून के बाद कई स्थानीय व प्रवासी पक्षी आते हैं। स्थानीय लोगों और पर्यावरण संरक्षकों का कहना है कि ओरण का शांत वातावरण पक्षियों को बहुत रास आता है। यहां का जल पारिस्थितिकी तंत्र इन दिनों पूरी तरह जीवंत हो चुका है। पर्यावरण प्रेमियों ने जताई खुशी स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने बताया कि रेगिस्तान के बीच ऐसे जल पक्षियों का आना यह साबित करता है कि देगराय ओरण प्राकृतिक रूप से कितना समृद्ध है। यदि ओरण और यहां के जल स्रोतों को सुरक्षित रखा जाए, तो आने वाले समय में यहां और भी दुर्लभ पक्षी देखने को मिल सकते हैं।