कोटा में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सरकारी स्कूल में हो रहे घटिया निर्माण पर सख्त एक्शन लिया। शुक्रवार को मौके पर खड़े होकर बुलडोजर स्कूल के घटिया निर्माण वाले तीन कमरों को गिरवाने का काम शुरू करवाया। आमली झाड़ गांव के सरकारी स्कूल में करीब 3. 91 करोड़ रुपए की लागत से 30 कमरे बनवाए जा रहे हैं। अभी तक 15 कमरों का निर्माण हो चुका है। जिसमें से 3 कमरों के निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग की गई थी। मंत्री ने अटल भूजल योजना के तहत 77 लाख रुपए की लागत से बने तालाब के घाटों और बाउंड्रीवॉल को भी बुलडोजर से तुड़वाया। यह निर्माण 31 मई 2025 को पूरा हो गया था। इसमें घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया था। कार्रवाई के 4 PHOTOS दरअसल, सांगोद विधानसभा के आमली झाड़ गांव में बुधवार को रात्रि जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और मंत्री हीरालाल नागर के सामने सरकारी स्कूल की छत में घटिया निर्माण होने की शिकायत की थी। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री नागर खुद तुरंत मौके पर पहुंचे और छत की खुदाई कर जांच करवाई। तो सीमेंट की जगह मिट्टी और बजरी की जगह क्रेशर डस्ट मिला। कार्रवाई नहीं होने पर फिर स्कूल पहुंचे मंत्री घटिया निर्माण मिलने पर मंत्री हीरालाल ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य को तुड़वाकर फिर से बनवाने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा नहीं होने पर मंत्री शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे स्कूल पहुंचकर निर्माण कार्य को तुड़वाने का काम शुरू करवाया और फिर से बनाने के आदेश दिए। मंत्री नागर ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए पीडब्ल्यूडी भिजवाए मंत्री नागर ने मौके पर ही निर्माण सामग्री के सैंपल पीडब्ल्यूडी जांच के लिए भिजवाए और घटिया निर्माण को ध्वस्त कर पुनर्निर्माण के आदेश दिए। मंत्री ने कहा कि आज देवली क्षेत्र के आमली झाड़ गांव में घटिया निर्माण पर खुद मौके पर खड़े रहकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करवाई। तालाबों के घाटों और बाउंड्रीवॉल को भी तुड़वाया मंत्री नागर ने कहा कि अटल भूजल योजना के तहत 77 लाख रुपए की लागत से बने तालाब के घाटों और बाउंड्रीवॉल को घटिया गुणवत्ता के कारण पीले पंजे से तुड़वाया। यह निर्माण 31 मई 2025 को पूरा हो गया था। सरकारी विद्यालय और तालाब के निर्माण कार्यों की जांच की गई तो मौके पर निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। उसमें न सीमेंट की मात्रा सही थी और न ही निर्माण सामग्री मानकों पर खरी उतरी। पूर्व में डूंगरज्या में भी सीसी सड़क को तोड़ा गया था।