नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पुष्टिमार्ग में इस दिन को ‘‘कचोरी पूनम’’ के रूप में मनाने की परंपरा है। पर्व पर प्रभु श्रीनाथजी के दर्शनों के लिए देश-विदेश से हजारों वैष्णव श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इस अवसर पर श्रीनाथजी को मुकुट-काछनी का विशेष मनमोहक श्रृंगार धारण कराया गया। वर्षा ऋतु के स्वागत के भाव से मंदिर में बिजली, वन-खंड, ग्वाल-बाल, गायों और हिरणों के चित्रों वाली आकर्षक पिछवाई सजाई गई। प्रभु को उड़द की दाल की कचोरी, चारोली के लाटा के लड्डू, केशरयुक्त बासुंदी सहित पारंपरिक व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया गया। राजभोग में भी कचोरी, छुकमां दही, मीठी सेव, केसरी पेठा और अन्य व्यंजन शामिल रहे। राजभोग दर्शन के दौरान मंदिर के मोती महल चैक में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को विशेष महाप्रसाद के रूप में मीठी और नमकीन कचोरियां वितरित की गईं। प्रभु के अलौकिक स्वरूप और विशेष उत्सव के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो गए व पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
