केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब राजस्थान यूनिवर्सिटी की समस्याओं को लेकर राजनीति तेज होती नजर आ रही है। मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका राजस्थान यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां उन्होंने छात्र नेताओं और छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार को तीन महीने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर तय समय में हालात नहीं बदले तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आशुतोष रांका ने कहा कि राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र शुभम पिछले छह दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजस्थान में पिछले कई सालों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थानों में छात्रों को अपना नेतृत्व चुनने का अधिकार मिलना चाहिए और सरकार को इस दिशा में जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने राजस्थानी भाषा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। रांका ने कहा कि यदि राजस्थान की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में ही राजस्थानी भाषा को उचित महत्व नहीं मिलेगा तो पूरे देश में इस भाषा को सम्मान दिलाने की बात कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शुभम की सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं और उनकी पार्टी उनका समर्थन करती है। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि केवल छात्रसंघ चुनाव और राजस्थानी भाषा ही नहीं, बल्कि राजस्थान यूनिवर्सिटी से जुड़ी अन्य मूलभूत समस्याओं का भी जल्द समाधान होना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक व्यवस्था और छात्र सुविधाओं में सुधार की मांग की। सरकार को चेतावनी देते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि यदि अगले तीन महीने में राजस्थान यूनिवर्सिटी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनकी पार्टी केवल ज्ञापन और बातचीत तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, अब बातचीत नहीं, बल्कि सीधा एक्शन होगा। अगर सरकार ने तीन महीने में राजस्थान यूनिवर्सिटी का हुलिया नहीं बदला तो हम कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे। रांका के इस बयान के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रसंघ चुनाव, राजस्थानी भाषा और विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सियासी और छात्र राजनीति का माहौल गर्म होने की संभावना जताई जा रही है।

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