चित्तौड़गढ़ में पुलिस ने क्रेटा कार चुराने वाली गैंग का खुलासा किया है। गैंग का मास्टरमाइंड कार का कांच तोड़कर इसके इसके KEY सेंसर को हैक कर लेता था। इस हैकिंग में उसे महज 5 मिनट का समय लगता था। इसके बाद कार को उड़ा ले जाता। रास्ते में इसके साथी इससे कार रिसीव करते और अलग-अलग राज्यों में लेकर निकल बेचने के लिए निकल जाते। आरोपियों से पूछताछ में राजस्थान मध्यप्रदेश और गुजरात से कार चोरी कर बेचने की बात सामने आई है। इसमें राजस्थान से कोटा, चित्तौड़गढ़ और टोंक शामिल है। ये अब तक 6 क्रेटा चुरा चुके हैं। पुलिस ने 3 बरामद कर ली है। इसमें कार रिसीव कर बेचने वाले 2 चोर अहमदाबाद से पकड़े गए। जबकि मास्टरमाइंड फरार है। पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग के पास क्रेटा में लगने वाला सॉफ्टवेयर है। ये क्रेटा की पुश बटन से स्टार्ट होने वाली कारों को ही निशाना बनाते थे। इसका स्टार्टिंग सिस्टम हैक कर मिनटों में कार ले जाते। मामला चित्तौड़गढ़ के कोतवाली थाना इलाके का है। सिस्टम हैक कर 5 मिनट में चुराई क्रेटा मामले में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया- 11 जुलाई को सुभाष नगर निवासी रोकश माहेश्वरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 10-11 जुलाई दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे उनके घर के बाहर खड़ी टॉप मॉडल क्रेटा कार चोरी हो गई। गाड़ी की कीमत 20 लाख से ज्यादा थी। इस मामले में सरगना के साथी सरफराज (32) अहमदाबाद (गुजरात) और दीपक (24) अहमदाबाद (गुजरात) को अहमदाबाद (गुजरात) से गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं मोहसिन उर्फ सोनू की तलाश जारी है। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि मोहसिन इस गैंग का मुखिया है। ये कार के सेंसर हैक कर डुप्लीकेट चाबी से कार को 5 मिनट में खोल लेता था और डुप्लीकेट चाबी तैयार कर कार लेजर रफूचक्कर हो जाता था। ये जीपीएस को भी डिएक्टिवेट कर देता था। जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल से लेकर बांसवाड़ा, इंदौर, अहमदाबाद और महाराष्ट्र तक के रास्तों पर लगे 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई। रास्ते में कर लेते कार का सौदा इस गिरोह का काम पूरी प्लानिंग के साथ चलता था। मुख्य आरोपी मोहसिन उर्फ सोनू अपने दो साथियों के साथ अलग-अलग शहरों में जाकर क्रेटा कार चोरी करता था। चोरी के तुरंत बाद वह अपने दूसरे साथियों सरफराज और दीपक को रास्ते में बुला लेता था। चोरी की गई कार इन्हें सौंप दी जाती थी और बदले में पैसे लेकर मोहसिन और उसके साथी अगली वारदात करने दूसरे शहर निकल जाते थे। इसी तरीके से पुलिस ने चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई। चित्तौड़गढ़ से चोरी हुई क्रेटा कार इंदौर से बरामद कर ली। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी चोरी की गाड़ियां खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे। सरफराज कबाड़ी का काम करता है और दीपक डिफॉल्टर गाड़ियों को बेचने का काम करता है। अब तक 6 क्रेटा चुरा चुके एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी मोहसिन उर्फ सोनू और उसके साथियों ने चित्तौड़गढ़ के अलावा कोटा, टोंक, उज्जैन और देवास से भी क्रेटा कारें चोरी की थीं। अब तक 6 क्रेटा चोरी करने की बात सामने आई है। इनमें से तीन गाड़ियां सरफराज और दीपक को रास्ते में ही सौंप दी गई थीं। पुलिस अब मोहसिन और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है तथा आने वाले दिनों में अन्य राज्यों की पुलिस से भी इस मामले में जानकारी साझा की जाएगी। ये रहे टीम में शामिल इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी रजनीश कुमार, एएसआई नवरंग, साइबर सेल के राजकुमार, कॉन्स्टेबल कन्हैयालाल, संजय तथा जिला स्पेशल टीम के कॉन्स्टेबल रामावतार, सुनील कुमार, दुर्गेश, हेमराज, प्रहलाद, पदम कुमार, जोगेन्द्र और साइबर सेल के कांस्टेबल मनीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।