गुरदासपुर के नजदीकी गांव बाबरी नंगल में पंचायती जमीन के कब्जे को लेकर लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। स्थानीय किसानों और समाजसेवी संस्थाओं के कड़े रुख और प्रशासनिक घेराव की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किसानों को उनकी नीलामी की गई जमीन का भौतिक कब्जा दिला दिया है। बता दें, यह मामला पिछले पिछले 3 महीने से गर्माया था। गांव बाबरी नंगल में पंचायती जमीन की विधिवत नीलामी होने और किसानों द्वारा पूरी सरकारी राशि जमा कराने के बावजूद उन्हें जमीन का कब्जा नहीं दिया जा रहा था। धान की फसल का सीजन चरम पर होने और देरी से हो रहे नुकसान को देखते हुए समाजसेवी रणजीत सिंह काहलों और ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि 23 तारीख तक किसानों को जमीन का कब्जा नहीं सौंपा गया, तो वे जिला प्रशासनिक परिसर का घेराव करेंगे और मुख्य हाईवे को जाम कर उग्र प्रदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री मान व अधिकारियों के संज्ञान में आते ही मिली मंजूरी समाजसेवी रणजीत सिंह काहलों ने बताया कि जब यह गंभीर मामला एडीसी (विकास), एसडीएम और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ध्यान में लाया गया, तो शासन-प्रशासन हरकत में आया और तुरंत जमीन का कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए गए। आदेश मिलते ही एसडीएम और बीडीपीओ (BDPO) के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची तथा पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों को जमीन का कब्जा सौंपने की प्रक्रिया पूरी कराई। कब्जा मिलने पर काहलों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार जताया। देरी के कारणों की होगी जांच, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी: ADC गिल मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एडीसी (विकास) गुरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि बाबरी नंगल की पंचायती जमीन की नीलामी पहले ही संपन्न हो चुकी थी और किसानों ने नियमानुसार पूरी राशि भी जमा कर दी थी। मामला संज्ञान में आते ही एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर कब्जा प्रक्रिया पूरी करा दी गई है। एडीसी गुरप्रीत सिंह गिल ने कहा कि किसानों को बोली की राशि जमा होने के बावजूद कब्जा देने में इतनी देरी क्यों हुई, इसके कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई होगी। भविष्य में जिले के किसी भी ब्लॉक या गांव में इस प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
