सीकर में वामपंथी स्टूडेंट यूनियन SFI ने रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को करीब 1 घंटे तक विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की स्टूडेंट विंग ने शेखावाटी यूनिवर्सिटी में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। छात्र संगठन SFI के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा- केंद्र सरकार ने स्टूडेंट्स की जायज मांगों को मजाक में लिया है। स्टूडेंट्स की मांगें जब तक पूरी नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा। वहीं अखिल भारतीय जनवादी नौजवान सभा (DYFI) के सत्यजीत भींचर ने कहा- केंद्र सरकार समाज के युवा, मजदूर और किसानों की भावनाओं को कुचलने का काम कर रही है। स्टूडेंट संध्या ने कहा- युवा किसी पॉलिटिकल पार्टी से बंधा नहीं है, लेकिन जब हक की बात पर लाठियां मिलती हैं तो फिर चुप नहीं रह सकते। इस मौके पर बड़ी संख्या में SFI, DYFI, मजदूर संगठन CITU के कार्यकर्ता और स्टूडेंट्स रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने, दिल्ली में लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई आदि मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) के सीआई अशोक डोरवाल के नेतृत्व काफी जाब्ता तैनात रहा। सीकर में कल कोचिंग स्टूडेंट्स करेंगे हड़ताल SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने सीकर में 24 जुलाई को स्टूडेंट्स स्ट्राइक का आह्वान किया। ढाका ने सभी कोचिंग्स से स्टूडेंट स्ट्राइक में शामिल होने के लिए एक दिन हड़ताल की अपील की। विरोध-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर, संदीप नेहरा, राकेश मुवाल, कन्हैया चौधरी समेत काफी छात्रनेता शामिल थे। ढाका ने बताया- इस दौरान कल्याण सर्किल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला फूंकेंगे। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह कल्याण सर्किल पर ‘रात जगो-देश जगाओ’ अभियान के तहत शांतिपूर्ण रातभर धरना दिया जाएगा। RLP नेता बोले- लाठी के दम पर आवाजें नहीं दबेंगी वहीं सीकर के शेखावाटी यूनिवर्सिटी में RLP स्टूडेंट विंग ने भी विरोध-प्रदर्शन किया। RLP कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। छात्रनेता देवराज हुड्डा ने कहा- लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर इंसान का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की आवाज को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता। इस मौके पर अंकित खीचड़, अभिषेक गढ़वाल, पीयूष, हरिकिशन, अनिल डोटासरा, योगेश खीचड़, पूनम, करीना आदि छात्र मौजूद रहे।
