चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ मंदिर में बुधवार को एक श्रद्धालु ने 11 किलो 400 ग्राम वजन चांदी की 19 सिल्लियां भेंट कीं। इनकी बाजार कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपए आंकी गई है। मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोहनगंज क्षेत्र निवासी श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया। मंदिर प्रशासन को बताया कि उसने बेटे से जुड़ी एक मनोकामना लेकर सांवलिया सेठ के दरबार में प्रार्थना की थी। कुछ समय बाद जब उसकी मन्नत पूरी हो गई तो वह धन्यवाद देने के लिए यह भेंट लेकर परिवार के साथ मंदिर पहुंचा। मंदिर प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन सिल्लियों को भंडार में सुरक्षित जमा करा दिया।
राजस्थान सर्राफा संघ के प्रदेश महामंत्री किशन पिछोलिया ने बताया कि मौजूदा बाजार भाव के अनुसार 11 किलो 400 ग्राम चांदी की कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपए है। श्री सांवलिया मंदिर में हर महीने बड़ी मात्रा में नकद दान के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं भी श्रद्धालुओं की ओर से भेंट की जाती हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से इस चढ़ावे का रिकॉर्ड रखा जाता है और उन्हें सुरक्षित भंडार में जमा किया जाता है। बाद में इन्हें मंदिर की नियमित दान गिनती और रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है। सांवलियाजी के भंडार से निकले 38.23 करोड़ रुपए श्री सांवलिया मंदिर में कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर खोले गए भंडार की गिनती मंगलवार को पूरी हुई। नकद राशि और ऑनलाइन दान को मिलाकर इस बार मंदिर में कुल 38 करोड़ 23 लाख 13 हजार 862 रुपए चढ़ावा आया है। भक्तों ने करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपए का सोना और चांदी भी चढ़ाया है। (पूरी खबर पढ़ें) सांवलिया सेठ में लगातार बढ़ रही श्रद्धा श्री सांवलिया मंदिर देश के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में गिना जाता है। यहां राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। कई लोग इच्छा पूरी होने के बाद अपनी क्षमता के अनुसार नकद राशि, सोना, चांदी या दूसरी कीमती वस्तुएं भगवान को अर्पित करते हैं। ग्राफिक्स में देखिए सांवलिया सेठ का इतिहास… …. सांवलिया सेठ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सांवलिया सेठ के चढ़ावे का रिकॉर्ड टूटा, ₹51 करोड़ आए:भक्तों ने 1 किलो से ज्यादा सोना, 207 किलो से ज्यादा चांदी दान की चित्तौड़गढ़ के सांवलिया धाम में दिवाली पर चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बना था। इस दौरान चढ़ावे की रकम 51 करोड़ से ज्यादा था। इसके अलावा सोने-चांदी की ज्वलेरी भी आई थी। पढ़ें पूरी खबर…
