बाड़मेर में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के पेरेंट्स ने धक्का दिया और कॉलर पकड़कर नीचे गिरा दिया। स्कूल में एंट्री करने के लिए प्रिंसिपल दीवार फांदकर गए। प्रिंसिपल का 7 महीने पहले ट्रांसफर हो गया था। हालांकि वे रिलीव नहीं हुए थे। लोग स्कूल के तालाबंदी कर प्रिंसिपल को रिलीव करने की मांग कर रहे थे। मामला नोखड़ा के आडेल गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का मंगलवार सुबह 11 बजे का है। बच्चे और पेरेंट्स स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर मेन गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठे थे। प्रिंसिपल भैराराम थोरी आए और चाबी के बारे में पूछा। जवाब नहीं मिलने पर पत्थर से स्कूल के मेन गेट का ताला तोड़ने लगे। इस दौरान एक युवक खड़ा हुआ। उसने प्रिंसिपल की कॉलर पकड़कर धक्का दे दिया और नीचे गिरा दिया। स्कूल के बाहर मौजूद लोगों ने भी प्रिंसिपल से धक्का-मुक्की की। जब बात नहीं बनी तो प्रिंसिपल दीवार फांदकर स्कूल में घुस गए। पहले 4 फोटोज में देखिए पूरा घटनाक्रम… रिलीव नहीं हो रहे प्रिंसिपल सदर थानाधिकारी देवीचंद ढाका ने बताया- प्रिंसिपल भैराराम का ट्रांसफर उदयपुर हो गया था। गांव के सारे लोग, स्टूडेंट प्रिंसिपल के खिलाफ है। ऑनलाइन टीसी दे नहीं रहे हैं। इससे बच्चों को परेशानी हो रही है। यहां से रिलीव होकर जा नहीं रहे हैं। नोखड़ा तहसीलदार दिनेश विश्नोई ने कहा- भैराराम के ट्रांसफर को 7-8 महीने हो गए। कोर्ट से स्टे ऑर्डर भी खारिज हो गया। इसके बावजूद भी यह यहां से रिलीव नहीं हो रहे हैं। बच्चे कह रहे हैं कि जब प्रिंसिपल भैराराम का ट्रांसफर हो गया है तो उसको यहां से हटाया जाए। प्रिंसिपल भैराराम थोरी ने बताया- शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मेरी शाला दर्पण आईडी को 7 महीने से हाईजैक करके बंद कर रखी है। विभाग के अधिकारी गांव वालों और बच्चों को भड़काकर मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। मेरे पास आईडी ही नहीं है। विभाग ने जिसको जिम्मेदारी दे रखी है, वो ही कर सकता है। इस वजह से बच्चों को ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल में 13 टीचरों का स्टाफ है। जब सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है तो मेरे को रिलीव भी ऑनलाइन किया जाए। …… ये खबर भी पढ़ें… टीचर का ट्रांसफर हुआ बच्चे बोले- भूख हड़ताल करेंगे:4 दिन लगे या 5, सर को वापस बुलाओ; सरकारी स्कूल के गेट पर ताला जड़ा भीलवाड़ा में हिंदी और संस्कृत पढ़ाने वाले टीचर का ट्रांसफर हुआ तो स्कूल के बच्चे नाराज हो गए। स्कूल के बाहर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। बोले- जब तक टीचर को वापस नहीं लाया जाएगा वे धरने से नहीं उठेंगे। चाहे 4 दिन लगें या 5 दिन, हम भूखे-प्यासे बैठे रहेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
