भरतपुर के बिहारी जी मंदिर में ऑयल मिल व्यापारी की मां का दान किया हीरा गायब है। दावा है कि उन्होंने मंदिर में हीरा दिसंबर 2024 में चढ़ाया था। इसके बाद उन्हें 6 महीने बाद पता चला कि मूर्ति पर हीरा नहीं कांच का टुकड़ा लगा है।
महिला का दावा है कि उन्होंने कई बार देवस्थान विभाग से अपने भेंट किए हीरे की स्लिप मांगी लेकिन, उन्हें नहीं दी गई। महिला का आरोप है कि उन्हें यह कहा गया कि क्या पता आपने कांच का टुकड़ा चढ़ाया हो। इसके बाद से लगातार वो अपनी बहू के साथ हीरे की जांच की मांग कर रही हैं।
मामले को लेकर देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने कहा- मैं उस वक्त यहां तैनात नहीं था। ऐसे में, मैं बता नहीं सकता कि वह हीरा है या कांच का टुकड़ा। समझिए पूरा मामला … दिल्ली से खरीदा था हीरा मीरा बंसल की बहू कृपाली ने बताया- सास मीरा बंसल ने बिहारीजी की भक्त हैं। उनकी इच्छा थी कि एक हीरा बिहारीजी की मूर्ति पर भी हो। ऐसे में, 2024 दिसंबर में दिल्ली के करोल बाग स्थित कुंदन लाल एंड संस के यहां से हीरा खरीदा था। ये हीरा 3 लाख 64 हजार रुपए में खरीदा था।
जून 2025 से यहां आने वाले भक्तों और हमारे मिलने वाले लोगों ने कहा कि ये हीरा तुम्हारा दिया हुआ नहीं लग रहा। इसकी चमक वैसी नहीं है। पहले जैसी चमक नहीं रही कृपाली ने बताया- इसके बाद वहां जाकर हमारे परिवार ने हीरे को देखा तो, वहां पर पहले जैसे हीरे की चमक नहीं थी। इसके बाद देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा से बात की गई लेकिन, उन्होंने संतुष्टि पूर्वक कोई जवाब नहीं दिया। हीरा चढ़ाने के बाद कई बार हीरा दान के लिए देवस्थान विभाग से स्लिप मांगी लेकिन, नहीं दी। मामला रफा-दफा करने की कोशिश कृपाली ने दावा किया कि इसी दौरान देवस्थान विभाग से दो कर्मचारी सूरजभान और पुष्पेंद्र घर आए। मामले को रफा-दफा करने की बात कही। लेकिन, हमने कहा कि हीरे की जांच करवा दीजिए। इसके बाद हमने देवस्थान विभाग उदयपुर, भरतपुर विधायक सुभाष गर्ग, सीएम भजन लाल शर्मा से लिखित में इसकी शिकायत की है। अधिकारी बोले- कांच का टुकड़ा कृपाली ने आरोप लगाया कि अब देवस्थान विभाग के अधिकारी कहते हैं कि क्या पता तुमने बिहारीजी पर कांच का टुकड़ा चढ़ाया हो। जब हमने हीरा दान किया था उस समय देवस्थान विभाग ने हीरे की जांच नहीं की थी। उन्हें उस समय जांच करनी चाहिए थी। देवस्थान विभाग ने हीरा गायब किया और अब उसे वह कांच का टुकड़ा बता रहे हैं। हमारे पास हीरे का बिल, उसका नंबर और सर्टिफिकेट भी है। हमने पुलिस में शिकायत नहीं की है, हम केवल हीरे की जांच करवाना चाहते हैं। आयुक्त बोले- हीरे दान की डेट अलग मामले को लेकर देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने कहा- जब हीरा दान किया गया था। उस समय में कहीं और तैनात था। अब वह हीरा है या कांच का टुकड़ा उसके बारे में मैं नहीं बता सकता। मुझे नहीं पता कि उस समय कौन अधिकारी था या कौन कर्मचारी था। रसीद किसने नहीं दी इसके बारे में मैं कैसे बता सकता हूं। हमारे रिकॉर्ड में हीरा दान 15 नवंबर को किया गया था। मीरा बंसल का कहना है कि उन्होंने 10 दिसंबर को हीरा दान किया था। हीरा वेरीफाई नहीं हुआ है। हीरे की जांच के लिए कमेटी बनाई हुई है। जो कर्मचारी बंसल के घर गए थे उनके बारे में मुझे पता नहीं है।
