आग लगने से बस का गेट लॉक हो गया था, ऐसे में लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। लोग कांच तोड़कर कूदे और जान बचा लेने की गुहार लगाते रहे। हादसे के दौरान करीब 50 मिनट तक कोई फायर ब्रिगेड नहीं आई। आर्मी ने JCB लगाकर बस का गेट तोड़ा और लोगों का रेस्क्यू किया। जैसलमेर बस आग हादसे में सबसे पहले मौके पर पहुंचे थईयात गांव निवासी शराब ठेकेदार कस्तूर सिंह ने घटना की पूरी कहानी बताई है। कस्तूर सिंह का दावा है कि उनके सामने बस से 16 लोग निकाले गए जबकि अंदर लाशें थीं। झुलसे यात्रियों में 8 साल के मासूम से लेकर 79 साल तक के बुजुर्ग हैं। 2 पॉइंट में समझिए हादसा दैनिक भास्कर में पढ़िए मौके पर पहुंचने वाले चश्मदीदों ने क्या बताया पानी का टैंकर लेकर बस की ओर दौड़े शराब ठेकेदार कस्तूर सिंह ने बताया- यहां पास ही में मेरा शराब का ठेका है। जैसे ही बस में आग लगी, मैं अपने साथियों को लेकर बस की तरफ दौड़ा। बस में इतनी तेज आग लगी थी कि हम पास भी नहीं जा पा रहे थे। हम कुछ नहीं कर पा रहे थे। इतने में एक लोकल ठेकेदार के पानी का टैंकर दिखाई दिया। वह आर्मी एरिया से आ रहा था। उसे आर्मी कैंट एरिया का ताला तोड़कर बाहर निकाला और बस की तरफ लेकर साथ-साथ दौड़े। इसके बाद भी बचाव नहीं कर पाए। आर्मी ने JCB से गेट तोड़ा शराब ठेकेदार कस्तूर सिंह ने बताया- इसके बाद मिलिट्री को किसी ने सूचना दी तो यहां मिलिट्री JCB लेकर आई। आर्मी ने JCB से बस का ताला तोड़ा। इसके बाद स्थानीय टैंकर से आग बुझाने के प्रयास किए। कस्तूर सिंह ने बताया- फायर ब्रिगेड को भी कॉल किया था, लेकिन 45 मिनट तक कोई फायर ब्रिगेड यहां नहीं आई। यहां से जैसलमेर करीब 9 किमी दूर है। कस्तूर सिंह का दावा है कि बस से 16 लोगों को ही बाहर निकाला गया। इसमें करीब 40 लोग और थे, जो अंदर ही जल गए हैं। अल्लाबक्श के परिवार के लोग इस हादसे में झुलसे हैं। अल्लाबक्श कहते हैं- कितने लोग थे, क्या हुआ कुछ नहीं मालूम। हमें कुछ बताया नहीं गया। ये सुनने में आया है कि बस में बहुत से लोग जिंदा जल गए हैं। बस को मिलिट्री कैंप में ले गए हैं। हमें कुछ नहीं बताया गया है। 5 दिन पहले ही लगाई थी बस
जानकारी के अनुसार, KK ट्रैवल्स की इस बस को इस रूट पर 5 दिन पहले ही लगाया गया था। इसे मॉडिफाई कर एसी बस में कन्वर्ट किया गया था। आग लगने का कारण AC में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, बस पूरी भरी हुई थी। ऐसे में लोग बस की गैलरी में भी बैठे थे। जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, पीछे लगे एसी की यूनिट में आग लग गई। दरवाजा लॉक हुआ
बस के अंदर फाइबर की बॉडी और परदे लगे थे। ऐसे में आग जल्दी-जल्दी बढ़ती रही। बस की खिड़कियां पूरी कांच की थी। जैसे ही बस की वायरिंग ने आग पकड़ी, इसका दरवाजा लॉक हो गया। अचानक से फैली आग से लोगों को समझने का मौका नहीं मिला। ड्राइवर और कंडक्टर सबसे पहले दरवाजा तोड़कर बाहर निकले। यहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया है कि बस में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे। —– हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में AC बस में आग, 20 यात्री जिंदा जले:15 लोग झुलसे; बचने के लिए चलती गाड़ी से कूदे लोग, जैसलमेर से जोधपुर जा रही थी राजस्थान के जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे मंगलवार दोपहर 3.30 बजे चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई। 20 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर) 5 दिन पहले खरीदी थी बस, आग का गोला बनी:275-किमी ग्रीन कॉरिडोर बनाया, 15 घायलों को जोधपुर में भर्ती कराया, एक की रास्ते में मौत जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एसी स्लीपर बस में आग लग गई। हादसे के समय बस में 57 यात्री थे। 20 यात्रियों की मौत हुई है, जबकि बुरी तरह से झुलसे 16 लोगों को जैसलमेर से जोधपुर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर भेजा गया। (पढ़ें पूरी खबर) आग का गोला बनी बस, हाथ जोड़कर यात्री बोले-बचा लो:ग्रामीण पानी के टैंकर लेकर दौड़े, रोती रहीं महिलाएं; देखें हादसे की 15 PHOTOS जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर 57 लोगों से भरी चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई। धू-धू कर जल रही बस से कई यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। (पढ़ें पूरी खबर) क्यों मौत की वजह बन जाती हैं स्लीपर बस?:पतली गैलरी हादसे के वक्त भागने का मौका नहीं देती, चीन 13 साल पहले कर चुका बैन राजस्थान के जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर 3:30 बजे चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई। हादसे में 20 यात्रियों की मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)