राजस्थान हाईकोर्ट से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल को राहत मिली है। कोर्ट ने नागौर जिले के पादु कलां थाने में दर्ज एफआईआर मामले में कार्रवाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई तक बेनीवाल के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं। बेनीवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 528 के तहत एफआईआर संख्या 119/2026 को चुनौती दी है। यह मामला 28 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान बेनीवाल की ओर से वकील पंकज चौधरी और सुमित्रा चौधरी ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी उपस्थित हुए। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि मामला राजनीतिक सभा और उसके बाद निकाले गए जुलूस से जुड़ा है। यह जांचना आवश्यक है कि एफआईआर में लगाए गए आरोप संबंधित अपराधों के आवश्यक तत्वों को पूरा करते हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की जा रही है। राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है। तब तक बेनीवाल के खिलाफ कोई कठोर (कोर्सिव) कार्रवाई नहीं होगी।”