चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में संचालित एक केबल नेटवर्क पर सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के चैनलों और लाइव क्रिकेट मैच का कथित रूप से अवैध प्रसारण करने का मामला सामने आया है। कंपनी की ओर से नियुक्त एजेंसी के असिस्टेंट मैनेजर ने इस संबंध में पुलिस को विस्तृत शिकायत देकर रेडिएंट डिजिटेक नेटवर्क के संचालक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से लाइसेंस खत्म होने के बाद भी नेटवर्क डीडी फ्री डिश से सिग्नल लेकर सोनी के पे चैनलों और उस लाइव क्रिकेट मैच का प्रसारण कर रहा था, जिसके टीवी प्रसारण के विशेष अधिकार केवल सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के पास हैं। कंपनी का कहना है कि इससे उसके कॉपीराइट और ब्रॉडकास्टिंग अधिकारों का सीधा उल्लंघन हुआ है। जांच के लिए एजेंसी भेजी, रिकॉर्डिंग करने का दावा शिकायत मीडियासॉफ्ट लीगल सॉल्यूशंस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर लखबीर सिंह पुत्र सरदार तारा सिंह की ओर से दी गई है। एजेंसी ने बताया कि उसे सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के अधिकृत वकीलों के माध्यम से कथित पायरेसी की जांच और रिकॉर्डिंग करने की जिम्मेदारी दी गई थी। शिकायत के अनुसार गंगरार स्थित मेसर्स रेडिएंट डिजिटेक नेटवर्क का लाइसेंस 1 जुलाई 2026 को निष्क्रिय हो चुका था। इसके बाद भी कंपनी को सूचना मिली कि नेटवर्क पर सोनी के पे चैनलों के साथ लाइव क्रिकेट मैच दिखाया जा रहा है। इस सूचना के बाद 8 जुलाई को मौके पर पहुंचकर वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। एजेंसी का दावा है कि रिकॉर्डिंग को तकनीकी जांच के लिए सोनी भेजा गया, जहां यह सामने आया कि डीडी फ्री डिश से सिग्नल लेकर उन्हें केबल नेटवर्क के जरिए दोबारा प्रसारित किया जा रहा था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रिकॉर्डिंग में डीडी फ्री डिश और रेडिएंट डिजिटल का लोगो भी दिखाई दे रहा है। कंपनी ने बताया, डीडी फ्री डिश का मतलब खुली छूट नहीं शिकायत में कहा गया है कि संबंधित लाइव क्रिकेट मैच राष्ट्रीय महत्व का था। ऐसे मामलों में कानून के तहत सोनी को अपने प्रसारण सिग्नल प्रसार भारती के साथ साझा करने होते हैं, ताकि मैच डीडी स्पोर्ट्स पर भी देखा जा सके। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी केबल ऑपरेटर उन सिग्नलों को उठाकर अपने नेटवर्क पर दोबारा प्रसारित कर सकता है। कंपनी का कहना है कि डीडी फ्री डिश व्यक्तिगत दर्शकों के लिए है और कोई भी केबल ऑपरेटर बिना अलग लाइसेंस या अनुमति के इन सिग्नलों का व्यावसायिक उपयोग नहीं कर सकता। शिकायत के अनुसार रेडिएंट डिजिटेक नेटवर्क के पास सोनी के किसी भी पे चैनल या लाइव क्रिकेट मैच को अपने नेटवर्क पर री-ब्रॉडकास्ट करने का कोई वैध समझौता, अनुबंध या लाइसेंस नहीं था। कॉपीराइट उल्लंघन के साथ चोरी और धोखाधड़ी के भी लगाए आरोप शिकायत में कहा गया है कि केबल ऑपरेटर के मालिक, ऑपरेटर और तकनीकी कर्मचारियों ने बिना अनुमति कंपनी के प्रसारण सिग्नल प्राप्त किए और उन्हें अपने ग्राहकों तक पहुंचाकर व्यावसायिक लाभ कमाया। कंपनी के मुताबिक, इस काम से सिर्फ कॉपीराइट नियम नहीं टूटे हैं, बल्कि कंपनी के प्रसारण और बौद्धिक संपदा से जुड़े अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 37, 51 और 63 के तहत कार्रवाई के साथ चोरी और धोखाधड़ी जैसे अपराधों में भी मामला दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत में नेटवर्क के मालिक गोपाल लाल नौगाया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। फिलहाल यह कंपनी की ओर से लगाए गए आरोप हैं। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।