जयपुर में आदर्श नगर श्मशान घाट से अदालत के आदेश के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने के मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को तलब किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने हुकुम सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट ने करीब 5 साल पहले श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। वन विभाग और नगर निगम ने इस आदेश को क्षेत्राधिकार में उलझाकर इसकी पालना नहीं की। अदालत ने पूरे क्षेत्र का नक्शा भी पेश करने का निर्देश दिया, जिसमें वन क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र को दर्शाया गया हो। वन विभाग-निगम एक दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी अधिवक्ता अखिल सिमलोट ने अदालत को बताया- हाईकोर्ट ने 15 नवंबर 2021 को आदर्श नगर स्थित अमरनाथ की बगीची पर से अवैध अतिक्रमण हाटने के निर्देश दिए थे। तत्कालीन निगम कमिश्नर ने 24 अगस्त 2023 को कोर्ट में कहा कि यह भूमि वन विभाग के अधीन आती है। इसके बाद से निगम और वन विभाग क्षेत्राधिकार का मुद्दा बनाते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस पर कोर्ट के आदेश से गठित कमेटी ने भी यह भूमि वन विभाग की बताई। उन्होने कहा- अवैध अतिक्रमण को केवल इसलिए जारी रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, क्योंकि सरकारी अधिकारी आपस में क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद कर रहे हैं। वहीं नगर निगम कानून और इस कोर्ट के निर्देशों के तहत अतिक्रमण हटाना निगम का दायित्व था।
