राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की एलडीसी भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और नकल के आरोपों को लेकर कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा है कि मामले को छिपाने के बजाय तत्काल कार्रवाई की गई और अब एफआईआर के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी। दरअसल, एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर में सामने आए घटनाक्रम के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस पर बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- ये नकल कराने का मामला था या पेपर लीक? जिला प्रशासन या बोर्ड ने मामला छिपाया या तुरंत जांच शुरू की? इसका निर्णय जनता खुद करे। एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब यह भी खुलासा होगा कि लाइट गुल हुई या करवाई गई। उन्होंने आगे लिखा- बोर्ड पहले ही बता चुका था कि परीक्षा के सभी कक्षों में करीब 28 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। क्या है मामला 5 जुलाई को राज्य में एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इस दौरान जैसलमेर के राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि खिड़की के रास्ते प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई थी।
सांसद बेनीवाल ने सरकार को घेरा वहीं, बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा- जैसलमेर में एलडीसी भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में 72 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होना सरकार के उन दावों की पोल खोलता है, जिनमें परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त बनाने की बात कही जाती रही है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई थी और दूसरी पारी शुरू होते ही प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र की खिड़की से बाहर फेंककर लीक किए जाने के आरोप सामने आए। इतने गंभीर मामले को केवल नकल का मामला बताना कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है, जबकि आरोप सीधे पेपर लीक के हैं। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ के आरोप सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ और फुटेज हटाए जाने जैसी बातें भी सामने आ रही हैं। उनके अनुसार यदि ऐसा हुआ है तो यह पूरे मामले को दबाने की कोशिश की ओर संकेत करता है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुरानी भर्ती परीक्षाओं की भी जांच की मांग उम्मेदाराम बेनीवाल ने केवल एलडीसी भर्ती परीक्षा ही नहीं, बल्कि, पूर्व में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की भी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी या विशेष समिति से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं में सुनियोजित तरीके से धांधली कर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों को चयनित कराने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन परीक्षा केंद्र अधीक्षकों, वीक्षकों और रिलीवरों की बार-बार संवेदनशील भर्ती परीक्षाओं में ड्यूटी लगाई गई। उनके चयन के कारणों, उन पर लगे आरोपों और उनसे जुड़े चयनित अभ्यर्थियों की भी व्यापक जांच कराई जाए। ये भी पढ़ें… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें)