जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के ओल्ड कैंपस में महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा का अनावरण किया गया। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा, “अरविंद, कमाल कर दिया…ओल्ड को गोल्ड कर दिया। वहीं जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह ने विश्वविद्यालय के पुराने परिसर का नाम बदलकर “जसवंत कैंपस” करने का सुझाव दिया। कैंपस में 132 साल बाद महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा लगाई गई है। समारोह में कई जनप्रितिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस प्रतिमा को पूर्व विश्विविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी ने चार भामाशाहों की मदद से तैयार करवाई है। इस कार्यक्रम में जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह, सिक्किम राज्यपाल ओम माथुर, राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया, विधायक बाबू सिंह राठौड़ और राजेंद्र राठौड़ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ओल्ड कैंपस का नाम जसवंत कैंपस हो समारोह में जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह ने कहा- उस समय जसवंत सिंह मारवाड़ को आधुनिक रास्ते पर लेकर आए, डेवलपमेंट के काम करवाए। उनके समय एक्साइज, रेलवे, पीडब्ल्यूडी, एग्रीकल्चर, खनिज आदि में विकास करवाया। बड़े-बड़े बांध बनवाए और पानी की व्यवस्था करवाई। जसवंत सागर बांध उन्हीं के नाम से है। वे धार्मिक रूप से आर्य समाज के मुख्यिा को भी यहां लेकर आए और समाज सुधार का काम किया। इस कैंपस का नाम जसवंत कैंपस के नाम से होना चाहिए। गजसिंह ने कहा- महाराजा उम्मेद सिंह के नाम से एयरपोर्ट का नाम होना चाहिए। 100 साल पहले उन्होंने हवाई पट्टी बनवाई थी। एम्स का नाम भी..। जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी में राजस्थानी विभाग, राजस्थान को राज्य भाषा बनानी चाहिए। मैं आशा करता हूं ये काम जल्दी से जल्दी होगा। अरविंद तुमने ओल्ड को गोल्ड कर दिया वहीं, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा- अरविंद कमाल कर दिया- ओल्ड से गोल्ड कर दिया। जैसे ही आपने सोशल मीडिया पर डाला मेरे पास कई फोन आ गए कि भाईसाहब मैं भी उस कॉलेज से हूं। हमारी भी ये खोट रही हमें इतना समय लगा। भाई आपने गजब कर दिया। वास्तव में इसका स्वागत होना चाहिए। इस बच्चे ने इस इतिहास को याद किया। वहीं, राजेंद्र राठौड़ ने युग परिवर्तन की बात कहीं। उन्होंने कहा कि कल एक कॉलेज में गया तो वहां विजन 2026 रखा। देश बदल रहा है, अब हमें 2047 करके विजन रखना है। 2014 के बाद देश बदल रहा है। मोदी ने जो सपना देखा है वो इन युवा पीढ़ी के भरोसे देखा है। मेरे सामने बैठे सिपाही विजन 2047 देखेंगे। राठौड़ ने कहा- मेरी इच्छा है कि जसवंत सिंह द्वितीय की जयंती पर मेला भरना चाहिए और पुष्प अर्पित होने चाहिए। 1893 में हुई थी स्थापना, पहला हायर एजुकेशन कॉलेज था साल 1893 में जसवंत कॉलेज की स्थाना की गई थी। ये उस समय का जोधपुर का पहला कॉलेज था, जो इलाहबाद यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड था। 1962 में ये जोधपुर यूनिवर्सिटी में आया और 1992 में इसका नाम जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के तौर पर हुआ। जयपुर में तैयार हुई पंच धातु की प्रतिमा अरविंद सिंह भाटी ने बताया कि जयपुर से महाराज जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा को तैयार किया गया है। पंच धातु से बनी ये प्रतिमा 8:50 फीट की हाइट है। इसके साथ ही इसका वजन 350-400 तक है। उन्होंने बताया कि साल 2024 में यूनिवर्सिटी से परमिशन मिली थी। लेकिन आर्थिक सहयोग के लिए मना कर दिया था। इसके बाद 25 जनवरी 2025 में इसका भूमि पूजन हुआ।
