11 साल पुराने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में सुखबीर बादल को चंडीगढ़ जिला अदालत से विदेश जाने की अनुमति मिल गई है। अदालत ने उन्हें 7 से 11 जुलाई तक विदेश यात्रा की इजाजत दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि उन्हें अगली सुनवाई से पहले भारत लौटना होगा। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान सुखबीर बादल के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल की जान को खतरा है और उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। सुरक्षा कारणों से उन्होंने उस देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया, जहां सुखबीर बादल को जाना है। वहीं पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने विदेश जाने की अनुमति का विरोध किया। सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी इस मामले के मास्टरमाइंड हैं। आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए गए और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर कई वर्षों तक जांच प्रभावित की गई। सरकार ने यह भी कहा कि विदेश यात्रा का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया है, इसलिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सुखबीर बादल की विदेश यात्रा की अर्जी मंजूर कर ली और उन्हें 18 जुलाई की सुनवाई से पहले लौटने के निर्देश दिए। 2015 में प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग यह मामला 14 अक्टूबर 2015 का है। इस घटना के दौरान फरीदकोट जिले के बरगाड़ी बेअदबी कांड के विरोध में कोटकपूरा और बहिबल कलां में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की थी। फायरिंग में बहिबल कलां के गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई लोग घायल हुए थे। Punjab and Haryana High Court के निर्देश पर इस मामले का ट्रायल चंडीगढ़ की अदालत में चल रहा है।
