फलोदी जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर अंकित कुमार सिंह की पहल पर उपखंड प्रशासन विभिन्न गांवों के तालाबों और नाडियों का पुनरुद्धार कर रहा है। इसका उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण करना और सालों से उपेक्षित जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। इसी क्रम में, एसडीएम पूजा चौधरी ने भारतीय किसान संघ के संभागीय अध्यक्ष नरेश व्यास, भारतीय जैन संगठना (बीजेएस) के जिलाध्यक्ष मुकेश कोठारी, उपाध्यक्ष महावीर भंसाली और सोबित दूबे के साथ भोजका की नाडी और बिठड़ी तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने बिठड़ी में बीजेएस के सहयोग से चल रहे खुदाई कार्य का जायजा लिया और मानसून से पहले इसे पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकतम जल संग्रहण हो सके। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने भोजका गांव में जनसहयोग से संचालित एक बिना अनुदान वाली गौशाला का भी अवलोकन किया। उन्होंने गौसेवकों से गौशाला के संचालन और पशुओं की देखभाल की जानकारी ली और उनके सेवा कार्य की सराहना की। एसडीएम पूजा चौधरी ने भारतीय जैन संगठना को भोजका की नाडी, सदावता तालाब, लोर्डियां की तम्बेरी नाडी, खीचन की धोलकी नाडी और कुण्डल के मेटड़ा तालाब के पुनरुद्धार के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से ही यह अभियान सफल होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून से पहले प्रमुख तालाबों और नाडियों की खुदाई व सफाई पूरी कर उन्हें जल संग्रहण के लिए तैयार कर लिया जाए। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा, पशुधन को पानी मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी।