राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी और पंजाब से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई। रंधावा की शाह से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। रंधावा ने अमित शाह से मुलाकात के बाद इसे राजनीतिक रंग देने को गलत करार दिया। वहीं पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी रंधावा के बचाव में उतर आए। रंधावा और कांग्रेस नेताओं के बयानों के बीच राजनीतिक प्रेक्षक इस मुलाकात के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। पंजाब की सियासत से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। पंजाब कांग्रेस में इन दिनों नेताओं के बीच भारी खींचतान है। ऐसे माहौल में इस मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर बल दे दिया है। रंधावा बोले- मुलाकात को राजनीतिक रंग देना गलत अमित शाह से मुलाकात के बाद दिल्ली में मीडिया से बातचीत में सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा- केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मेरी मुलाकात को राजनीतिक रंग देने के दुर्भावनापूर्ण प्रयास का मैं खंडन करता हूं। पंजाब राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मेरी बात रखने के लिए आज यह मुलाकात पहले से तय थी। रंधावा ने कहा- मैंने 4 जून को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था। साथ ही इसकी एक कॉपी गृह मंत्री को भी भेजी थी। मैंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पाकिस्तान-समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों और राजनेताओं के बीच सांठ-गांठ और पंजाब पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया था। उस शुरुआती पत्र के साथ मैंने अपने इलाके में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टर के बारे में भी जानकारी दी थी। मैंने 23 जून को एक और पत्र भेजा था, जिसमें बताया कि गुरदासपुर और अन्य इलाकों में गैंगस्टर कैसे काम कर रहे हैं। मेरे लैटर के आधार पर बैठक के लिए बुलाया रंधावा ने कहा- मेरे लिखे पत्रों के आधार पर मुझे बैठक के लिए बुलाया गया। इसमें हमने मेरे पिछले पत्र के आखिरी पैराग्राफ में बताए गए निष्कर्षों पर चर्चा की। मैंने कहा कि आपके पास IB, मिलिट्री इंटेलिजेंस, RAW और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियां हैं। मैंने इस पर भी जोर दिया कि पूरे पंजाब में जबरन वसूली और धमकियां आम हो गई हैं। बैठक के दौरान उन्होंने माना कि बड़े पैमाने पर जबरन वसूली और धमकियां हो रही हैं। जेलों के अंदर से लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेरा मानना है कि अगर भारत सरकार यह मानती है कि मौजूदा स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और पाकिस्तान इसमें सीधे तौर पर दखल दे रहा है तो वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। श्री @Sukhjinder_INC का परिवार पंजाब के सबसे सम्मानित परिवारों में से एक है। उनके पिता एवं पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री संतोख सिंह रंधावा ने पंजाब में अशांति के समय बिना डरे देश की एकता, अखंडता का खुलकर पक्ष लिया। वह उन गिने-चुने राजनेताओं में से थे जिन्होंने उग्रवाद…— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 3, 2026 गहलोत बोले- रंधावा का परिवार कांग्रेस का सम्मानित परिवार पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने रंधावा की अमित शाह से मुलाकात के बाद चल रही सियासी चर्चाओं को खारिज कर दिया। गहलोत ने एक्स पर लिखा- सुखजिंदर सिंह रंधावा का परिवार पंजाब के सबसे सम्मानित परिवारों में से एक है। उनके पिता और पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा ने पंजाब में अशांति के समय बिना डरे देश की एकता, अखंडता का खुलकर पक्ष लिया। वे उन गिने-चुने राजनेताओं में से थे, जिन्होंने उग्रवाद के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से आवाज उठाई। अपने पिता की इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी हमेशा देशविरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है। पंजाब के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई भी की। गहलोत ने लिखा- जाहिर है, देशहित में खड़े रहने के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी तरह से सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। इस गंभीर विषय को लेकर यदि वे केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करते हैं तो सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देना या उसका गलत प्रचार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। पंजाब की कानून-व्यवस्था एवं सीमावर्ती इलाकों में शांति व सुरक्षा से जुड़े विषय किसी दल की नहीं, पूरे देश की जिम्मेदारी है।पंजाब की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री रहते हुए श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जी के द्वारा देश-विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने एवं… https://t.co/0fkBwUwmTH— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) July 3, 2026 डोटासरा बोले- रंधावा की शाह से मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर लिखा- पंजाब की कानून-व्यवस्था और सीमावर्ती इलाकों में शांति व सुरक्षा से जुड़े विषय किसी दल की नहीं, पूरे देश की जिम्मेदारी है। पंजाब की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री रहते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा के द्वारा देश-विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और राष्ट्रहित के मुद्दे पर उनका लगातार विरोध करने के कारण रंधावा परिवार को लंबे से समय से धमकियां मिलती रही हैं। इन्हीं गंभीर विषयों को लेकर सुखजिंदर रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसे राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में समझा जाना चाहिए। डोटासरा ने लिखा- एक सच्चे कांग्रेसी की पहचान यही है कि वह विचारधारा पर अडिग रहते हुए भी राष्ट्रहित के हर मुद्दे पर जिम्मेदारी निभाए। रंधावा ऐसे परिवार से आते हैं, जिसने पंजाब के सबसे कठिन दौर में भी आतंकवाद और अलगाववाद के सामने कभी घुटने नहीं टेके। उनके परिवार ने हमेशा देश की एकता और अखंडता के लिए आवाज उठाई। यही विरासत आज भी उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान है। ऐसे गंभीर विषय पर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी करना न तो पंजाब के हित में है, और न ही देश के। राष्ट्रहित दलगत राजनीति से हमेशा बड़ा होता है।
