सीमेंट प्लांट के आगे ट्रेलर की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई। गुस्साए परिजन और गांव वालों ने सीमेंट फैक्ट्री के गेट के बाहर हंगामा कर दिया। इस दौरान ग्रामीण गेट खोलकर अंदर घुस गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठीचार्ज कर मौके से उन्हें खदेड़ा। इस दौरान मृतक की पत्नी बेहोश हो गई। जिसे एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया। घटना झुंझुनूं जिले के गोठड़ा थाना क्षेत्र की है। थाना अधिकारी धर्मेंद्र ने मीणा ने बताया- बुधवार शाम 5 बजे गोठड़ा स्थित श्री सीमेंट प्लांट के अंदर जा रहे एक ट्रेलर की चपेट में आने से एक बाइक सवार किसान की मौत हो गई थी। किसान की पहचान धींवा की ढाणी, टोडपुरा (गोठड़ा) निवासी ओमप्रकाश (43) की मौत हो गई। घटना के बाद शव को पुलिस ने नवलगढ़ जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। सीमेंट प्लांट के बाहर धरने पर जुटे ग्रामीण आक्रोशित ग्रामीण और परिजन गुरुवार सुबह 7:30 बजे सीमेंट प्लांट के बाहर जुटना शुरू हो गए। मृतक परिजनों का आरोप है कि सीमेंट प्लांट के अंदर जा रहे ट्रेलर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए बाइक सवार को कुचल दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को मुआवाजा और दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर की मांग कर लगे। धरने की सूचना पर नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह, थाना अधिकारी धर्मेंद्र जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीण और परिजनों से काफी समझाइश की कोशिश की। मगर गांव वाले अपनी मांग पर अड़े रहे और फैक्ट्री के गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। सीमेंट प्लांट में घुसे ग्रामीण, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 9:30 बजे कंपनी के अधिकारी और ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल के बीच वार्ता हुई। मगर बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंची। दोपहर 12:30 बजे तक जब बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंचे तो आक्रोशित गांव वाले सीमेंट प्लांट के गेट को खोलकर अंदर घुस गए। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को वापस गेट के बाहर खदेड़ा। इस दौरान भगदड़ की स्थिति बन गई। इस पर कुछ गांव वालों ने पुलिस पर पथराव किया। 4 थानों का पुलिस जाप्ता पहुंचा थाना अधिकारी ने बताया- विवाद बढ़ने के बाद नवलगढ़, मुकुंदगढ़, गुढ़ा और गोठड़ा थानों से पुलिस जाप्ता बुलाया गया। इस दौरान गांव वाले फिर से सीमेंट प्लांट के गेट के बाद धरने पर बैठ गए। दोपहर 12:45 पर गांव की कुछ महिलाओं ने फिर से गेट के अंदर के अंदर घुसने की कोशिश की। मगर मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान मृतक ओमप्रकाश की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और प्लांट के आगे बेहोश हो गई। जिसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया। ग्रामीण बोले- जल्द मुआवजा मिले किसान नेता राजेश कटेवा ने कहा- सीमेंट फैक्ट्री के वाहन लापरवाही से चलते हैं। एक किसान उनकी चपेट में आ गया। सीमेंट प्लांट के लिए एक अगल से लेन होनी चाहिए। यहां से हर रोज ग्रामीणों का आना जाना होता है। अब तक 22-25 मौत हो चुकीं हैं। हर बार यहां आकर संघर्ष करना होता है। हम चाहते हैं कि गरीब परिवार को मुआवजा मिले। साथ ही दोनों ओर स्पीड ब्रेकरों का निर्माण हो। परिवार को 11 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी तीन दौर की वार्ता के बाद शाम 4 बजे एसडीएम अजीत सिंह राठौड़ की मौजूदगी में ग्रामीण और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच सहमति बन गई। एसडीएम ने बताया- 5 लाख रुपए की फौरन मदद एनजीओ और ट्रांसपोर्टर के जरिए दी जाएगी। 5 लाख रुपए आयुष्मान योजना में कवर हो रहा है। वहीं एक लाख रुपए क्राउड फंडिंग के जरिए दिलाए जाएंगे। परिवार को कुल 11 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी।
नवलगढ़ की ओर जा रहा था बाइक सवार डीएसपी सुगन सिंह ने बताया-मृतक के परिजन और ग्रामीणों से बातचीत की जा रही है। ओमप्रकाश के परिवार में तीन बेटी और दो बेटे हैं। ओमप्रकाश खेती कर परिवार का पालन पोषण करता था। ओमप्रकाश किसी काम से नवलगढ़ की ओर आ रहा था। इस दौरान ट्रेलर ने उसे चपेट में ले लिया। परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। ट्रेलर और ड्राइवर की तलाश की जा रही है। … यह खबर भी पढ़ें CM आवास जाने से रोका तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया:पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़े; 12 से ज्यादा लोगों को चोटें आईं जयपुर में बुधवार शाम घुमंतू और अर्धघुमंतू जातियों की महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे थे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। (पढ़ें पूरी खबर)