अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर को पकड़ कर गला दबाया गया था। उसने बचने के लिए संघर्ष नहीं किया था। यह खुलासा गुरुवार को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किया गया है। 5 सदस्यों की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि जगन की मौत गला घोंटने से हुई है। मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने कहा- हत्या का तरीका किसी प्रशिक्षित या बेहद शातिर व्यक्ति की ओर इशारा करता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक- जगन की गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा गहरा दबाव का निशान मिला है। यह निशान गर्दन के आगे से दोनों तरफ तक फैला हुआ है। इतना ही नहीं गर्दन के बाएं हिस्से पर मुख्य निशान से नीचे एक और अलग चोट है। मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बताया- गर्दन पर मिले दोनों निशानों का पैटर्न सामान्य नहीं है। इससे अंदेशा है कि पहले एक तरफ से गला दबाया गया। इसके बाद दूसरी तरफ से फिर ज्यादा ताकत लगाकर गले को दबाया गया, ताकि मौत कन्फर्म हो सके। वहीं रिपोर्ट में जगन के शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। अंदर भी चोट मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को बाहरी चोटों के साथ गर्दन के अंदर भी गंभीर चोटें मिली हैं। त्वचा के नीचे खून जमा हुआ था। गर्दन की मांसपेशियों में ब्लीडिंग मिली। थायरॉयड के आसपास की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त थीं और जीभ के निचले हिस्से तक खून जमा हुआ था। मेडिकल विशेषज्ञों ने कहा- ऐसी चोटें तभी आती हैं, जब गर्दन पर काफी देर तक लगातार दबाव बनाया जाए। रिपोर्ट में दम घुटने से मौत के लगभग सभी मेडिकल संकेत दर्ज किए गए हैं। आंखों की नसों सहित शरीर के कई अंगों में ब्लीडिंग, फेफड़ों-अन्य अंगों का काम बंद करना और नाखूनों का नीला पड़ना इसकी पुष्टि करते हैं कि मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई। मेडिकल रिपोर्ट में जगन के पेट में खाना भी मिला पूरी वारदात को केवल गला कसकर अंजाम दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान पेट में करीब 300 ग्राम आधा पचा हुआ भोजन मिला है। इससे जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाना खाने के कितनी देर बाद हत्या हुई। वहीं फॉरेंसिक जांच के लिए छोटी आंत, लीवर और दोनों किडनी सहित अन्य नमूने सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। जगन ने कोई संघर्ष नहीं किया रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। इससे जांच अधिकारी इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि वारदात अचानक हुई या फिर पहले जगन को किसी तरह काबू में कर लिया गया था। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जांच में जुटी मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम राय में स्पष्ट लिखा है कि जगन गुर्जर की मौत जीवित अवस्था में गला घोंटने से हुई। दम घुटने के कारण जगन की जान गई। रिपोर्ट में सभी चोटों को मौत से पहले लगी हुई बताया गया है। अब यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जेल के भीतर हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच का सबसे अहम वैज्ञानिक साक्ष्य बन गई है। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर इतनी सुनियोजित हत्या कैसे हुई। मेडिकल रिपोर्ट ने जहां हत्या की पुष्टि कर दी है। वहीं गर्दन पर मिले निशान और अंदरूनी चोटें, इस वारदात को सामान्य जेल हिंसा नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ अंजाम दी गई हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस अब इसी एंगल से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार- डकैत जगन गुर्जर डायबिटिक पेशेंट था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उसे दिन उसकी शुगर हाई थी। पुलिस ने कहा- सीसीटीवी फुटेज की कर रहे जांच सिविल लाइंस थाना पुलिस की ओर से जगन हत्याकांड में दर्ज मुकदमे में जांच जारी है। जांच अधिकारी शंभू सिंह ने बताया- हाई सिक्योरिटी जेल के दो जेल प्रहरी के पहले बयान लिए थे, उन बयानों को वापस कोर्ट में BNS की धारा 183 के तहत लिए गए।
बंदी विष्णु को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने के लिए प्रार्थना पत्र भी कोर्ट में गुरुवार को लगाया है। साथ ही जेल में लगे हुए सीसीटीवी फुटेज वारदात वाले दिन और उससे पहले के प्राप्त किए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मिल गई है, जिस पर अनुसंधान जारी है। जगन गुर्जर हत्याकांड की हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने तलब की है। कोर्ट ने जेल में घटना से जुड़े कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ, क्या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। इन तमाम बिंदुओं पर कोर्ट ने सरकार और जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश जेल में व्यवस्थाओं के सुधार से जुड़े स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए दिए। पूरी खबर पढ़ें… 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ।
जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया
