राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए फंडिंग नेटवर्क चलाने वाले एजेंट को गिरफ्तार किया है। सीआईडी ने रफीक चांद शेख पुत्र चांद मियां शेख (41) निवासी महाराष्ट्र के औरंगाबाद को 30 जून को पकड़ा। रफीक चांद शेख 4 साल से जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक ISI की ओर से भेजे जाने वाले रुपए पहुंचा रहा था। मामले में जांच चल रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। ADG इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया- सीआईडी (इंटेलिजेंस) राजस्थान ने जनवरी में एक मामले में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस (MTS) पद पर तैनात सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलरों तक पहुंचाने का आरोप है। दोनों को शासकीय गुप्त बात अधिनियम-1923 (Official Secrets Act) के तहत दर्ज मामले में पकड़ा था। जांच में सामने आया फंडिंग नेटवर्क
ADG इंटेलिजेंस ने बताया- मामले की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों को जासूसी के बदले ISI की ओर से रुपए रफीक चांद शेख ने भेजे थे। इसके बाद सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने रफीक चांद शेख से पूछताछ की। पूछताछ में रफीक चांद ने स्वीकार किया कि वह करीब 4 साल से ISI के एक हैंडलर के संपर्क में था। सोशल मीडिया के जरिए रफीक इस नेटवर्क से जुड़ा था। दूसरों के नाम से भी खुलवाए बैंक खाते
जांच में सामने आया कि ISI हैंडलर के निर्देश पर रफीक ने अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम से भी अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक ISI की ओर से भेजे रुपए पहुंचाने के लिए किया जाता था। इस तरह वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए फंडिंग एजेंट के रूप में काम कर रहा था। जांच में मिले सबूत के बाद रफीक चांद शेख को सीआईडी (इंटेलिजेंस) राजस्थान ने गिरफ्तार किया है। अन्य कड़ियों की भी हो रही जांच
सीआईडी (इंटेलिजेंस) के अनुसार- मामले में जांच चल रही है। ISI के इस फाइनेंस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, लेन-देन और संभावित सहयोगियों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के माध्यम से किन-किन लोगों तक रुपए पहुंचाए गए। राजस्थान पुलिस ने कहा- देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। ई-मित्र चलाते हुए सेना की मूवमेंट भेजा था झबराराम
जासूसी के शक में ई-मित्र संचालक झबराराम (28) पुत्र भाणाराम निवासी नेडान गांव, पोकरण (जैसलमेर) को 30 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था। झबराराम का वॉट्सएप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स चला रहे थे। आरोपी ने अपनी सिम पर आया ओटीपी (OTP) ISI के एजेंट को शेयर किया था, ताकि उसका वॉट्सऐप ISI के हैंडलर्स चला सके। इस दौरान खुफिया जानकारियां शेयर की गई। राजस्थान इंटेलीजेंस ने 25 जनवरी की रात को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इस दौरान पाकिस्तानी हैंडलर्स से रुपए के लालच में जासूसी करना कबूल किया था। पूरी खबर पढ़ें लड़ाकू विमानों की लोकेशन पाक हैंडलर्स को भेज रहा था
राजस्थान इंटेलीजेंस टीम ने जासूसी के आरोप में असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन से सुमित कुमार (36) पुत्र बेनी माधव निवासी लाहुरपार, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) को मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत सुमित भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था। सुमित ने लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों-कर्मचारियों से संबंधित गोपनीय जानकारी भी साझा की थी। पूरी खबर पढ़ें ————- ये खबरें भी पढ़ें जयपुर से जैश-ए-मोहम्मद की महिला आतंकी गिरफ्तार:स्लीपर सेल के तौर पर एक्टिव थी, पाकिस्तानी मौलवी ने फोन पर करवाया था धर्म परिवर्तन जयपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल महिला को राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला बबीता (37) मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली बताई जा रही है। उसे जयपुर में वाटिका क्षेत्र से रविवार को हिरासत में लिया गया। (पढ़िए पूरी खबर) महिला आतंकी के पिता बोले-ऐसी बेटी की जरूरत नहीं:बबीता ने ‘दुनिया धोखेबाज’ नाम से बना रखा था फेसबुक अकाउंट मेरे लिए देश पहले है। मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मेरी बेटी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। ऐसा करने वाली बेटी की मुझे जरूरत नहीं है, जो देश के खिलाफ काम करती हो, उसे नरक में भी जगह नहीं मिलनी चाहिए। यह कहना है जयपुर में पकड़ी गई महिला आतंकी बबीता (37) उर्फ खदीजा के पिता का। (पूरी खबर पढ़ें)