पटियाला में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) मुख्यालय के बाहर पावरकॉम-ट्रांसको आउटसोर्स वर्कर्स यूनियन (एटक) पंजाब का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। यूनियन ने पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल प्रबंधन पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरविंदर शर्मा फरीदकोट और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि पहला धरना 21 मई 2024 को शुरू किया गया था। इसके बाद 24 मई को बिजली मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंध, पीएसपीसीएल के सीएमडी और अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई थी। इस बैठक में 15 जून तक सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का डेटा सत्यापित कर अधिसूचना जारी करने और सीएचबी नीति के तहत उन्हें विभाग में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। यूनियन नेताओं ने कहा कि आश्वासन पूरा न होने के कारण उन्हें 16 जून से दोबारा आंदोलन शुरू करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि 22 जून को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, पीएसपीसीएल के सीएमडी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग छह घंटे चली बैठक भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। प्रबंधन द्वारा रखे गए प्रस्ताव और शर्तें यूनियन को स्वीकार्य नहीं थीं। इस बीच, अपनी मांगों को लागू न किए जाने के विरोध में शुरू की गई क्रमिक भूख हड़ताल भी तीसरे दिन जारी रही। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रबंधन लगातार कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।तीसरे दिन की भूख हड़ताल में अनमोलदीप सिंह, परदीप सिंह, दलजीत सिंह, गुरमेल सिंह और सरबजीत सिंह शामिल हुए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि भूख हड़ताल के दौरान किसी भी कर्मचारी के स्वास्थ्य या जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पीएसपीसीएल प्रबंधन और पंजाब सरकार की होगी। कई लोग धरने में शामिल धरना स्थल पर प्रदेश अध्यक्ष हरविंदर शर्मा, महासचिव हरविंदर सिंह हैप्पी, मुख्य सलाहकार रमनदीप सिंह, मनदीप शर्मा, हरजिंदर सिंह राजू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम दुलार चौहान, उपाध्यक्ष मनदीप सिंह, वित्त सचिव हरदीप सिंह, सहायक वित्त सचिव सुखवीर सिंह, प्रेस सचिव जगदीप सिंह धालीवाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।