मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर चढ़ावे के रूप में साफ नजर आई है। चतुर्दशी पर खोले गए मंदिर के भंडार की गिनती मंगलवार को सातवें राउंड के साथ पूरी हो गई। सात दिन तक चली इस काउंटिंग के बाद सामने आया कि एक महीने में मंदिर को नकद, ऑनलाइन भेंट, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा सहित कुल 40 करोड़ 81 लाख 40 हजार 278 रुपए की प्राप्ति हुई है। सातवें राउंड के साथ पूरी हुई गिनती मंदिर मंडल की ओर से मंगलवार को भंडार की अंतिम गिनती की गई। सातवें राउंड में 8 लाख 41 हजार 189 रुपए गिने गए। इसके साथ ही भंडार से प्राप्त नकद राशि 33 करोड़ 15 लाख 18 हजार 759 रुपए तक पहुंच गई। वहीं भेंटकक्ष, कार्यालय और ऑनलाइन माध्यमों से आए चढ़ावे को जोड़ने पर कुल राशि 40 करोड़ 81 लाख 40 हजार 278 रुपए रही। इनमें मनीऑर्डर, ऑनलाइन ट्रांसफर और अन्य माध्यमों से 7 करोड़ 66 लाख 21 हजार 519 रुपए प्राप्त हुए। मंदिर में हर महीने बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की वजह से अब ऑनलाइन चढ़ावे की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। नकद के साथ सोना-चांदी भी बड़ी मात्रा में मिला इस बार की गिनती में नकद राशि के साथ सोना-चांदी भी बड़ी मात्रा में मिला है। भंडार, कार्यालय और भेंटकक्ष से कुल 1 किलो 738 ग्राम 800 मिलीग्राम सोना और 110 किलो 648 ग्राम चांदी प्राप्त हुई। राजस्थान सर्राफा संघ के महामंत्री किशन पिछोलिया ने बताया कि मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से सोने की कीमत करीब 2 करोड़ 52 लाख रुपए और चांदी की कीमत करीब 2 करोड़ 48 लाख रुपए आंकी गई है। हालांकि इस बार चांदी के भाव में गिरावट भी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार पिछले एक महीने में चांदी लगभग 60 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती हुई है और मंगलवार को ही करीब 8 हजार रुपए प्रति किलो की और गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद मंदिर को चांदी की बड़ी मात्रा में प्राप्ति हुई है। इसके अलावा करीब 20 देशों की फॉरेन करंसी भी मिली है। बड़ी संख्या में चेक भी भेंट के रूप में आए हैं। इससे साफ है कि सांवलियाजी में सिर्फ मेवाड़ या राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से भी श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। पिछले साल से बढ़ा चढ़ावा, चांदी के भाव में गिरावट मंदिर में इस बार आए चढ़ावे की तुलना पिछले साल जून में खुले भंडार से करें तो बढ़ोतरी साफ दिखाई देती है। पिछले साल जून में कुल करीब 29 करोड़ 53 लाख रुपए की प्राप्ति हुई थी। इसमें 22 करोड़ 93 लाख रुपए भंडार से और 6 करोड़ 59 लाख रुपए ऑनलाइन व कार्यालय के जरिए मिले थे। यानी इस बार कुल प्राप्ति 40 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। आस्था का केंद्र बना हुआ है सांवलियाजी सांवलियाजी मंदिर लंबे समय से मेवाड़ ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान और दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। हर महीने भंडार खुलने पर आने वाले आंकड़े यही बताते हैं कि मंदिर में भक्तों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
