कोटा में किसान ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। अतिवृष्टि के कारण किसान की सोयाबीन की फसल पहले ही खराब हो चुकी थी। अक्टूबर में सरसों की बुवाई की थी, लेकिन दो दिन की मूसलाधार बारिश ने उसको को भी पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। मामला इटावा क्षेत्र का है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। लगातार नुकसान से परेशान किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके कारण वह तनाव में था। किसान के ऊपर ढाई से तीन लाख रुपए का कर्ज था। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया है। इटावा एएसआई कमल प्रकाश मीणा ने बताया कि जगदीश प्रजापत (50) ने गुरुवार रात घर पर ही जहर खा लिया था, जिसके बाद उसे इटावा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां से उसे कोटा रेफर कर दिया गया, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान जगदीश की मौत हो गई। बेटे रविंद्र कुमार प्रजापत ने बताया कि उनकी जमीन भी नहीं है। इटावा में ही चाय की दुकान है। रविंद्र ने यह भी कहा कि अगर सरकार की ओर से फसल मुआवजा दिया जाएगा, तो वह जमीन मालिक को जाएगा। खुद की कोई जमीन नहीं थी, 3 लाख का कर्जा था
किसान जगदीश के साले महावीर प्रजापत ने बताया कि जगदीश के पास खुद की कोई जमीन नहीं थी। उन्होंने 25 बीघा जमीन किराए पर लेकर खेती की थी। पहले सोयाबीन की फसल गलने से भारी नुकसान हुआ, और जब सरसों बोई तो बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। उनके ऊपर करीब तीन लाख रुपए का कर्ज था। घर की पूरी जिम्मेदारी जगदीश पर थी। बढ़ते कर्ज और फसल बर्बादी से टूटकर उन्होंने यह कदम उठा लिया।
