मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं को शामिल किए जाने के बाद जिला आयुर्वेद हॉस्पिटल पांडनपोल, चित्तौड़गढ़ ने पूरे राजस्थान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हॉस्पिटल ने अब तक 22.41 लाख रुपए के क्लेम बुक कर राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि जिन तीन आयुर्वेद हॉस्पिटल्स ने चित्तौड़गढ़ से ज्यादा क्लेम बुक किए हैं, उन्हें यह योजना चित्तौड़गढ़ से करीब छह महीने पहले शुरू करने की अनुमति मिल चुकी थी। ऐसे में बाद में शामिल होने के बावजूद चित्तौड़गढ़ का चौथे स्थान तक पहुंचना विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पहली बार आयुर्वेद में मिल रहा है MAA योजना का लाभ जिला आयुर्वेद हॉस्पिटल पांडनपोल की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. विमला खत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पहले केवल एलोपैथी हॉस्पिटल्स में ही उपचार की सुविधा उपलब्ध थी। आयुर्वेद हॉस्पिटल्स में यह व्यवस्था पहली बार लागू की गई है। सितंबर से योजना के तहत क्लेम बुकिंग शुरू हुई थी। मरीज के जन आधार कार्ड के माध्यम से उसकी पात्रता की जांच की जाती है। बीपीएल सहित पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलता है, जबकि जिन परिवारों ने वार्षिक प्रीमियम जमा कर योजना से जुड़ाव कर रखा है, वे भी उसी कार्ड के जरिए आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों प्रकार की चिकित्सा सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। 20 रोगों के लिए तय हैं पैकेज, सात दिन भर्ती रहकर होता है इलाज डॉ. विमला खत्री ने बताया कि योजना में लगभग 20 तरह की बीमारियों के लिए अलग-अलग पैकेज निर्धारित किए गए हैं। इनमें घुटनों का दर्द, कमर दर्द, गर्दन और कंधों की समस्याएं सहित कई रोग शामिल हैं। मरीज की बीमारी के अनुसार पंचकर्म आधारित उपचार दिया जाता है। इसमें कटि बस्ती, पत्र पिंड स्वेदन, नाड़ी स्वेदन, बस्ती कर्म सहित कई थेरेपी शामिल रहती हैं। मरीज को सात दिन तक हॉस्पिटल में भर्ती रखकर उपचार किया जाता है। पूरी थेरेपी और इलाज योजना के तहत निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। हॉस्पिटल में अभी तक करीब 75 मरीज इस योजना के तहत भर्ती होकर उपचार प्राप्त कर चुके हैं। 10 बेड के अस्पताल ने किया 22 लाख से अधिक का क्लेम डॉ. विमला खत्री के अनुसार जिला आयुर्वेद हॉस्पिटल में केवल 10 बेड की सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद अस्पताल ने 22 लाख रुपए से ज्यादा के क्लेम बुक किए हैं। वर्तमान में हॉस्पिटल में पंचकर्म आधारित उपचार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। योजना में शल्य चिकित्सा से जुड़े पैकेज भी शामिल हैं, लेकिन हॉस्पिटल में फिलहाल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन सेवाओं का लाभ नहीं लिया जा रहा है। इसके बावजूद पंचकर्म उपचार के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों को राहत मिल रही है। राजस्थान में चौथा स्थान, साथ में अनुमति पाने वालों में पहला डॉ. विमला खत्री ने बताया कि पूरे राजस्थान में खाण्डा फलसा, अजमेर और जोधपुर यूनिवर्सिटी आयुर्वेद हॉस्पिटल चित्तौड़गढ़ से ऊपर हैं, लेकिन इन संस्थानों को एम्पैनलमेंट और योजना संचालन की अनुमति करीब छह महीने पहले मिल गई थी। वहीं जिन हॉस्पिटल्स को चित्तौड़गढ़ के साथ अनुमति मिली थी, उनमें चित्तौड़गढ़ पहले स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जयपुर में आयोजित विभागीय बैठक में भी चित्तौड़गढ़ के कार्यों की सराहना की गई और उच्च अधिकारियों ने हॉस्पिटल की उपलब्धियों को सराहा। जागरूकता अभियान से बढ़ी मरीजों की संख्या डॉ. विमला खत्री ने बताया कि हॉस्पिटल आने वाले मरीजों को नियमित रूप से मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की जानकारी दी जाती है। उन्हें बताया जाता है कि योजना के तहत पंचकर्म और अन्य आयुर्वेद उपचार निशुल्क उपलब्ध हैं। इसी जागरूकता का परिणाम है कि ज्यादा से ज्यादा मरीज योजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। मरीजों से मिलने वाला फीडबैक भी सकारात्मक रहा है और आयुर्वेद उपचार के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान में MAA योजना के तहत क्लेम बुकिंग में टॉप-10 आयुर्वेद चिकित्सालय मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) के तहत क्लेम बुकिंग में राजकीय आयुर्वेद हॉस्पिटल खाण्डा फलसा 90.81 लाख रुपए के साथ प्रदेश में पहले, अजमेर 73.99 लाख रुपए के साथ दूसरे और जोधपुर यूनिवर्सिटी आयुर्वेद हॉस्पिटल 31.53 लाख रुपए के साथ तीसरे स्थान पर है। चौथे स्थान पर जिला आयुर्वेद हॉस्पिटल पांडनपोल, चित्तौड़गढ़ ने 22.41 लाख रुपए के क्लेम बुक किए हैं। इसके बाद मंगरा पूंजला 19.21 लाख रुपए, बूंदी 15.65 लाख रुपए, सादड़ी (पाली) 15.20 लाख रुपए, शाहपुरा (भीलवाड़ा) 12.47 लाख रुपए, भादसोड़ा (चित्तौड़गढ़) 12.26 लाख रुपए और ब्यावर 8.94 लाख रुपए के क्लेम के साथ क्रमशः पांचवें से दसवें स्थान पर हैं। खास बात यह है कि चित्तौड़गढ़ जिले के दो आयुर्वेद हॉस्पिटल्स—पांडनपोल और भादसोड़ा—प्रदेश के टॉप-10 में शामिल हुए हैं, जो जिले में आयुर्वेद उपचार और MAA योजना के बेहतर क्रियान्वयन को दर्शाता है। इन टॉप 10 आयुर्वेद चिकित्सालयों ने अब तक कुल 4 करोड़ 48 लाख 68 हजार रुपए से ज्यादा के क्लेम सबमिट किए हैं।