राज्य सभा सांसद सतीश पूनिया आज भरतपुर पहुंचे। उन्होंने जाट आरक्षण को लेकर कहा कि बीजेपी के कार्यकाल में पूरे प्रदेश के लोगों को आरक्षण का लाभ मिला था लेकिन, भरतपुर धौलपुर जिले के जाट समाज को संवैधानिक रूप से आरक्षण का लाभ नहीं पाया था। बाकी जिन लोगों को आंदोलन करना है मांग रखनी है लोकतंत्र में सभी को आजादी है। बीजेपी सरकार में पूरे प्रदेश को मिला था आरक्षण राज्य सभा सांसद सतीश पूनिया ने भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को आरक्षण के लिए कहा कि बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जिसने साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में पूरे प्रदेश के लोगों को आरक्षण का लाभ मिला। गांव के गरीब लोगों को उनका हक़ मिला। उस समय धौलपुर और भरतपुर का जाट समाज संवैधानिक रूप से आरक्षण की व्यवस्था में नहीं आ पाए। आंदोलन करना मांग रखने की सभी को आजादी सतीश पूनिया ने कहा कि लंबे समय से आरक्षण के लिए चर्चा हो रही है लेकिन, कुछ चीजें कानून और संवैधानिक के दायरे में हैं। जब तक उनका निस्तारण नहीं होता तब तक यह मानकर चलें कि सरकार इस पर विचार करेगी। मुझे लगता है कि हमें समय का इंतजार भी करना चाहिए। बाकी जिन लोगों को आंदोलन करना है मांग रखनी है लोकतंत्र में सभी को आजादी है। राहुल गांधी देश में रहते हैं और गहलोत प्रदेश में कांग्रेस पर हमला करते हुए सतीश पूनिया ने कहा की कांग्रेस पार्टी में दो ही भले आदमी हैं पहले राहुल गांधी और दूसरे अशोक गहलोत, राहुल गांधी देश में होते हैं और अशोक गहलोत प्रदेश में होते हैं। 25 जून वह तारीख है जो देश के आपातकाल के काले इतिहास को बताती है। अशोक गहलोत का धन्यवाद जनता भूलने जा रही थी उन्होंने याद दिला दिया। कांग्रेस कार्यकाल में लगा था आपातकाल यह वहीं इंदिरा गांधी और अशोक गहलोत हैं जिनके कार्यकाल में 1975 में आपातकाल लगा था। 19 महीने लोग जेल में रहे थे। यातनाएं हुई थी। उन्होंने ठीक किया लेकिन, उनको करेक्ट करना चाह रहा हूं कि राहुल गांधी लोकतंत्र संविधान की किताब लेकर घूमते हैं। देश को दुनिया में बदनाम करते हैं।
