मध्यप्रदेश में ट्रेन की चपेट में आई बीकानेर की महिला पीहर वालों के साथ बागेश्वर धाम गई थीं। सभी लोग बस से ही वापस लौट आए थे, लेकिन महिला अपने भांजे के साथ वहीं रुक गई थी। धार्मिक स्थल पर स्नान करने के बाद ट्रेन से रवाना हुई थीं। लेकिन घर पहुंचने पहले ही ट्रेन हादसे में मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि उनका शव टुकड़ों में बिखर गया। सोमवार को महिला का शव महाजन क्षेत्र के घेसूरा गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। बता दें, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (19665) रविवार (14 जून) की शाम करीब 4:15 बजे मुरैना में हेतमपुर (मध्यप्रदेश) और धौलपुर स्टेशन के बीच चेन पुलिंग के कारण सेक्शन में रुक गई थी। मोबाइल ब्लास्ट से आग लगने की अफवाह के बाद यात्री नीचे उतर गए थे। इस दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई। पति की पहले सड़क हादसे में हो चुकी थी मौत श्रीगंगानगर में रहने वाले भांजे हंस गिरी ने बताया – बीरमा देवी (60) के पति गिरधारी गुसाई की करीब 30 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। चार बेटियों की शादी के बाद वह घर में अकेली रह गई थीं। कभी बेटियां उनके पास आ जाती थीं, तो कभी वह खुद अपने पीहर चली जाती थीं। कुछ दिन पहले वह पीहर रघुनाथपुरा गई थीं। वहां से पीहर पक्ष के लोगों के साथ बस से मध्यप्रदेश स्थित बागेश्वर धाम गई थीं। धार्मिक स्थल पर स्नान के लिए रुक थीं भांजे हंस गिरी ने बताया- दर्शनों के बाद सभी लोग करीब दो दिन पहले वापस बीकानेर के लिए निकल गए थे। लेकिन मौसी की पुरुषोत्तम मास में धार्मिक स्थल पर स्नान करने की इच्छा थी। ऐसे में मौसी के साथ मैं और पड़ोस के गांव का युवक गणेश भी रुक गए थे। धार्मिक स्थल पर स्नान करने के बाद शाम को बीकानेर के लिए ट्रेन में बैठे थे। ट्रेन कुछ देर चलने के बाद अचानक रुक गई। आग लगने की अफवाह के बाद यात्री नीचे उतर गए थे। अब पढ़िए … सिलसिलेवार घटनाक्रम 1. चेन पुलिंग से बीच रास्ते में रुकी ट्रेन
रेलवे प्रबंधन के अनुसार हादसा उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच अलार्म चेन पुलिंग (ACP) के कारण बीच सेक्शन में रुक गई। ट्रेन रुकने के कुछ देर बाद एक कोच में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने जैसी अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। 2. अफवाह के बाद घबराकर ट्रेन से उतरने लगे यात्री
रेलवे के अनुसार अफवाह फैलते ही कई यात्री घबराकर जल्दबाजी में ट्रेन से नीचे उतर गए। मोबाइल ब्लास्ट की सूचना के बाद कोच में अफरा-तफरी मच गई थी। चेन पुलिंग के बाद ट्रेन रुकते ही लोग जान बचाने के लिए नीचे उतरकर ट्रैक की ओर भागने लगे। 3. दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से चार की मौत
खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतरे कुछ यात्री पास की अप लाइन पर पहुंच गए। इसी दौरान गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज रफ्तार से वहां से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतकों में बीकानेर की बिरमा देवी (60), उत्तर प्रदेश के आगरा की शकुंतला सिंह (60) पत्नी भूरी सिंह, आफरीन (35) पत्नी नदीम और उसका चार वर्षीय बेटा असद शामिल हैं। आफरीन और असद मां-बेटे थे। 4. ग्रामीण की सूचना पर पहुंची पुलिस, जांच जारी
मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने बताया – उस समय पुलिस की टीमें सराय छोला और सिविल लाइन क्षेत्र में रेत भंडारण पर कार्रवाई कर रही थीं। इसी दौरान एक ग्रामीण (चरवाहे) ने सूचना दी कि ट्रेन रुकी हुई है और कोई घटना हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। घटना की जानकारी मिलते ही RPF, GRP और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने अब तक मोबाइल फटने या आग लगने की किसी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। कंटेंट सपोर्ट : गणेश रांकावत, राधेश्याम बोहरा, बीकानेर — हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … बीकानेर की महिला MP में ट्रेन से कटी:मोबाइल ब्लास्ट से आग की अफवाह से नीचे उतरे थे यात्री, 4 दूसरी ट्रेन की चपेट में आए मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ट्रेन से कटे चार यात्रियों में बीकानेर की महिला भी शामिल है। मोबाइल ब्लास्ट से आग लगने की अफवाह के बाद उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से कुछ यात्री घबराकर नीचे उतर गए। पूरी खबर पढ़िए