डूंगरपुर जिले में कृषि विभाग द्वारा सिंधिया ऑडिटोरियम में प्राकृतिक खेती पर आधारित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिलेभर से आए किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए गए और सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हखरू मईडा, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल और पूर्व सभापति अमृत कलासुआ सहित कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता और इसके फायदों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि रासायनिक खाद छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाना क्यों महत्वपूर्ण है, क्योंकि जैविक खाद और प्राकृतिक खेती से उपजी फसल के उपयोग से बीमारियां कम होती हैं।
वक्ताओं ने किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। इस दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकें, पोषक तत्व प्रबंधन और रसायनों के उपयोग के बिना देसी तरीकों से फसल को कीटों व रोगों से बचाने के उपाय बताए गए। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला से सीखकर जिले के किसान प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाएंगे। इससे न केवल उनकी लागत कम होगी, बल्कि आम जनता को भी शुद्ध और पौष्टिक अनाज मिल सकेगा।