लघु एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने तथा पहाड़ी क्षेत्रों की भूमि को कृषि योग्य बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. ने झल्लारा क्षेत्र में जलग्रहण विभाग द्वारा किए जा रहे बेंच टेरेसिंग कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि विकसित करने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए एक समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने जलग्रहण, कृषि और राजस्व विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को बेंच टेरेसिंग कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त आदेश का प्रारूप तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि नव विकसित कृषि भूमि को शीघ्र उत्पादक बनाकर किसानों तक इसका प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बेंच टेरेसिंग से विकसित क्षेत्रों में आधुनिक और अधिक उत्पादन देने वाली फसलों का चयन किया जाए। साथ ही कृषि विभाग को किसानों को तकनीकी परामर्श और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कहा, ताकि कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सके। राजस्व अभिलेखों में दर्ज होगा फसलों का रिकॉर्ड उन्होंने कहा कि नव विकसित कृषि क्षेत्रों में बोई जाने वाली फसलों का रिकॉर्ड राजस्व अभिलेखों और गिरदावरी में दर्ज किया जाना चाहिए। इससे भूमि उपयोग, कृषि विस्तार और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकेगा। कलेक्टर ने बताया- बेंच टेरेसिंग केवल भूमि संरक्षण और जल संवर्धन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि के विस्तार का प्रभावी माध्यम भी है। इससे किसानों को खेती के नए अवसर मिलेंगे तथा कृषि आधारित रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान रतन सिंह भाटी सहित जलग्रहण एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कलेक्टर को क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी दी।