कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने बिना नाम लिए विरोधियों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा- आंख में आंख डालकर देखोगे तो पता चल जाएगा कि सच बोल रहा है या झूठ। मैंने अपने साथ काम करने वाले सभी नेताओं का मान-सम्मान किया है। हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहे हैं। इधर, पायलट समर्थक और पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने कहा- पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीटीपी, निर्दलीय और भाजपा विधायकों को कितने रुपए दिए, उसके सबूत हमारे पास है। इस व्यक्ति को पार्टी ने तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, हर बार पार्टी को हराया। इस पर राहुल गांधी जी विचार करें, ऐसे व्यक्ति को कंट्रोल नहीं किया तो पार्टी का बेड़ा गर्क हो जाएगा। पायलट और पूर्व मंत्री मीणा बुधवार को करौली जिले के सकरघटा गांव में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण समारोह और किसान सम्मेलन में बोल रहे थे। सचिन पायलट ने कहा- मैं जिस संगठन में काम करता हूं, हमारा काम पद बांटने का नहीं, पहला काम जनता का काम करना है। केवल फल प्राप्ति के लिए जो काम कर रहा है, वो दुखी ही रहेगा। जनता के हित में काम करने वाला सुखी रहेगा। आज भी जनता सच्चाई का साथ देती है। फोटोज में देखिए सचिन पायलट का दौरा…
सचिन पायलट ने कहा- मध्यप्रदेश में राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैर कानूनी तरीके से रद्द कर दिया। सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की। काफी देर चुनाव आयोग ने धरने के बाद ज्ञापन लिया। संगठन की नजर में जो उपयुक्त, उसे जिम्मेदारी मिलेगी पायलट ने कहा- संगठन की नजर में जब जो उपयुक्त होगा, उसे वो जिम्मेदारी मिलेगी और न भी मिले। सिर्फ फल प्राप्ति की अगर कोई राजनीति कर रहा है, तो वो ज्यादातर समय नाखुश ही रहेगा। जो फल प्राप्ति के लिए नहीं करे, जनता के सुख-दुख में साथ रहे, उसके जाने के बाद भी लोग उसे याद रखे, इस लक्ष्य को लेकर काम करे तो सुखी रहेगा। राजनीति का समय जरूर बदला है, लेकिन सिद्धांत अब भी मौजूद हैं। जो जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं, सच्चाई का साथ देते हैं, जनता उन्हें याद रखती है। पायलट ने कहा- हम सब नेता ही यदि भविष्यवाणियां करने लग जाएंगे, तो जनता को कौन पूछेगा? ये जो एडवांस बुकिंग वाला मामला है, इसका कोई सिर-पैर नहीं है। लोग जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत सबसे जरूरी है। किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकल सकता है। उन्होंने करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को सभी पक्षों को साथ बैठाकर समाधान निकालना चाहिए। किसान की पहचान उसकी जाति से नहीं बल्कि उसकी मेहनत से होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं, वे समाज और प्रदेश दोनों का नुकसान कर रहे हैं। सचिन पायलट भावुक भी नजर आए कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने पिता स्व. राजेश पायलट को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सच्चाई और किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया। पायलट ने कहा कि राजेश पायलट ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और कभी भी सच का रास्ता नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं बल्कि जनसेवा, साहस और सामाजिक एकता का प्रतीक है। पूर्व मंत्री बोले- गहलोत और मेरा नार्को टेस्ट कराए पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि अशोक गहलोत कहते हैं कि मानेसर जाने वाले विधायकों ने 10-10 करोड़ रुपए लिए, मेरा और गहलोत नार्को टेस्ट कराए। पूर्व मंत्री ने कहा- गहलोत ने बीटीपी, निर्दलीय और भाजपा विधायकों को कितने रुपए दिए, उसके सबूत हमारे पास है। उन्होंने कहा- राहुल गांधीजी आप सही आकलन करो और ईमानदार, सही आदमी को बागडोर दो। गहलोत बोले- 25 सितंबर की बगावत पायलट के खिलाफ थी पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने 7 जून को सचिन पायलट पर सियासी हमला बोला था। गहलोत ने कहा था- 25 सितंबर 2022 की बगावत सचिन पायलट के खिलाफ थी, हाईकमान के खिलाफ नहीं थी। उन्होंने कहा था- अगर मैं बगावत करता तो हाईकमान मुझे मुख्यमंत्री रखता क्या? पायलट ने सच्चाई स्वीकार करना सीखा नहीं। उन्होंने गलती की है तो उसे स्वीकार करना चाहिए। इसलिए इश्यू आज तक बना हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
