न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने की मांग को लेकर श्रीगंगानगर के किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया था। रास्ते में बैरिकेडिंग तोड़ वो आगे बढ़ रहे थे कि ट्रैक्टर के सामने ट्रेनी IPS ज्ञानेंद्र भारती खड़े हो गए। इस पर किसान वहीं रुक गए। काफी समझाने के बाद कुछ किसान ADM से बात करने को राजी हुए। भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर करीब डेढ़ बजे कलेक्ट्रेट में अधिकारियों से बात की। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के किसान कलेक्ट्रेट के पीछे वाले गेट का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। अधिकारियों से बातचीत के बाद किसानों में धरना समाप्त कर दिया। किसानों ने मांग रखी कि रजिस्ट्रेशन के आधार पर गेहूं के लिए कट्टे (बारदाना) दिए जाएं। कच्चा आढ़तिया संघ को खत्म किया जाए, जो अब तक एफसीआई से कट्टे लेकर व्यापारियों को दे रहा है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले सहित पूरे प्रदेश में गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाया जाए और खरीद की डेट आगे बढ़ाई जाए। क्वालिटी इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया जाए। किसानों ने 10 जून को श्रीगंगानगर- हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चे के बैनर तले जिले भर से किसान शनिवार सुबह करीब 11 बजे गुरुद्वारा सिंह सभा में इकट्ठे हुए थे। यहां सभा हुई और कलेक्ट्रेट कूच करने का ऐलान किया। पुलिस पहले से ही अलर्ट थी। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। तस्वीरों में देखें विरोध-प्रदर्शन…. गेहूं खरीद की तारीख आगे बढ़ाने की मांग
श्रीगंगानगर के किसान गेहूं खरीद की तारीख भी आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। MSP पर गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 1 जून तक थी। किसानों का कहना है कि बंपर उत्पादन के कारण काफी किसानों का गेहूं घर में ही पड़ा है। सरकार ने कोटा कम होने के कारण पूरी गेहूं की खरीद नहीं की। किसानों के प्रदर्शन में मजदूर भी शामिल हैं। किसान नेता बोले- गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ
गुरुद्वारा सिंहसभा में हुई सभा में किसान नेता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने कहा- इस बार जिले में गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ है। बावजूद इसके सरकार की ओर से 6 लाख मीट्रिक टन से भी कम गेहूं खरीदा गया है। खुले बाजार में गेहूं औसतन 2400 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि MSP 2735 रुपए प्रति क्विंटल है। जिले में करीब 40 प्रतिशत किसान अब भी सरकार को अपना गेहूं बेचने से रह गए हैं। यदि सरकार MSP पर खरीद लक्ष्य और अवधि नहीं बढ़ाती है तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। अब अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा। गेहूं खरीद को लेकर पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
गेहूं खरीद को लेकर पहले भी किसान कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। किसानों ने कई बार जिला कलेक्ट्रेट का घेराव तक किया है। 25 मई को श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट के बाहर गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खाली कर दी थीं। इसी तरह सादुलशहर (श्रीगंगानगर) व श्रीविजयनगर (श्रीगंगानगर) के एसडीएम कार्यालय में भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से गेहूं खाली करके विरोध दर्ज कराया गया था। किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार को तुरंत खरीद लक्ष्य बढ़ाना चाहिए, ताकि किसान MSP पर अपना पूरा गेहूं बेच सकें। पल-पल का अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
