यदि किसी बीमित सदस्य की हत्या हो जाती है, तो बीमा कंपनी इसे मृत्यु के कारणों से बाहर बताकर क्लेम भुगतान से इनकार नहीं कर सकती। झुंझुनूं के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शनिवार को एक केस में फैसला सुनाते हुए यह निर्णय दिया है। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील और सदस्य प्रमेंद्र कुमार सैनी की पीठ ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की कार्यप्रणाली को अनुचित कार्य व्यवहार और सेवा में गंभीर कमी माना। आयोग ने कंपनी को मृतक किसान की नामांकित मां को ब्याज सहित बीमा राशि देने का आदेश सुनाया है। साथ ही कंपनी पर 55 हजार रुपए का भारी जुर्माना भी लगाया है। मानसिक संताप के लिए 45 हजार और अदालती खर्च के 5,500 रुपए अलग से देने होंगे। 5 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला कल्याण कोष में जमा होगी पेनल्टी
बीमा कंपनी पर लगाई गई 55 हजार रुपए की शास्ति राशि ‘राजस्थान राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष, जयपुर’ में जमा करानी होगी। यदि कंपनी निर्धारित समय में इस आदेश की पालना नहीं करती है, तो उसे पूरी देय राशि पर 12.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। पालना न होने की स्थिति में आयोग के रीडर को वसूली के लिए अदालती (इजराय) कार्यवाही करने के लिए अधिकृत किया गया है।
