पोकरण क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर स्थिति निराशाजनक बनी हुईं है। पत्रिका की ओर से की गई पड़ताल में दावों से हकीकत जुदा दिखाई दे रही है। गौरतलब है कि रेगिस्तानी और सरहदी जिले के प्रवेश द्वार परमाणु नगरी पोकरण में पर्यावरण स्वास्थ्य के हालात चिंताजनक है। जिसके कारण हरियाली का ग्राफ लगातार कम हो रहा है। कहने को प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में पौधे लगाए जा रहे है, लेकिन उनकी सार- संभाल नहीं होने और समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण पौधे पनप नहीं पा रहे है। गत वर्ष नगरपालिका की ओर से वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत 4 से 5 हजार पौधे लगाए गए थे, लेकिन अधिकांश पौधे बारिश की कमी तो कई पौधे सारसंभाल के अभाव में जलकर नष्ट हो गए। केवल 20 से 25 प्रतिशत पौधे ही विकसित हो सके है।