लूणी के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह बिश्नोई ने गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक और संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल को उनके पैतृक गांव धुंधाड़ा पहुंचे और उन पर निशाना साधा। उन्होंने पेयजल की मांग कर रहे ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमों और जल वितरण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना साधा। बिश्नोई ने आरोप लगाया कि मांग के अनुसार 10 फीसदी से भी कम पानी की आपूर्ति हो रही है। पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि सरकार का रवैया आमजन के प्रति सकारात्मक नहीं रहा, तो सबसे पहले धुंधाड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद लूणी उपखंड मुख्यालय पर और फिर भी मांगों को नहीं माना गया तो जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बिश्नोई ने बताया कि धुंधाड़ा कस्बे में 45 दिनों तक पेयजल आपूर्ति न होने से परेशान ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया था। हालांकि, प्रशासन और सरकार ने जनता की मांगों को दरकिनार करते हुए निर्दोष लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज करवा दिए। पूर्व सीएम गहलोत ने निर्दोष लोगों को फंसाने का लगाया था आरोप
यह मामला सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपने सोशल हैंडल पर सरकार पर निर्दोष लोगों को मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने जिला कलेक्टर आलोक रंजन से जानकारी लेकर अभावग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति करवाकर राहत प्रदान करने को कहा था। सार्वजनिक टांकों का किया निरीक्षण
इसी मामले में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से मिलने तथा पेयजल की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए पूर्व विधायक महेंद्रसिंह बिश्नोई गुरुवार को धुंधाड़ा पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और कई सार्वजनिक टांकों का निरीक्षण किया, जो पेयजल के अभाव में खाली मिले। इस पर बिश्नोई ने कहा कि सरकार का प्रबंधन ही सही नहीं है और मांग के अनुसार 10 फीसदी भी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस दौरान समाजसेवी नाथूसिंह चौहान पीपरली, कांग्रेस नेता गोपाराम मेघवाल, रमेश शर्मा, हनुमान दास तंवर, हीराराम मीणा, ओमाराम मेघवाल, अस्कर खान छिपा, बालाराम सुथार, भंवरलाल देवासी, मोहनलाल घांची, पारस दर्जी सहित बड़ी संख्या में धुंधाड़ा के लोगों ने उन्हें पेयजल की समस्या से अवगत कराया।
