संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर आज बरनाला में डीसी कार्यालय के बाहर हजारों किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने पंजाब और केंद्र सरकार पर बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नाम एक मांग पत्र सौंपा। मोर्चा के नेताओं ने बताया कि पंजाब में आई बाढ़ के कारण 59 लोगों की मौत हुई है। लाखों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं और हजारों पशु बह गए हैं। उनका आरोप है कि सरकारें इस गंभीर स्थिति पर अब तक मौन हैं। किसानों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के विशेष राहत पैकेज की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किसानों को 70 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा और मजदूरों को इसका 10 प्रतिशत देने की मांग रखी। 25 लाख मुआवजा मिले मृतक परिवारों के लिए 25 लाख रुपए और एक सदस्य को सरकारी नौकरी, ढहे मकानों के लिए 10 लाख रुपए और पशुओं के लिए 1 लाख रुपए मुआवजे की भी मांग की गई। मोर्चे ने पराली जलाने के मामलों को रद्द करने, पराली निपटान के लिए मशीनरी और सहायता प्रदान करने तथा धान में नमी की सीमा 17 से बढ़ाकर 22 प्रतिशत करने की भी मांग उठाई। इस धरने को चमकौर सिंह, दर्शन सिंह, पवित्र सिंह लाली, जगराज सिंह और कुलदीप सिंह बरनाला सहित कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो उनका आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।