राजस्थान यूनिवर्सिटी में बुधवार को छात्र मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सिंडीकेट बैठक से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कुलपति सचिवालय का घेराव कर दिया। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, फीस वृद्धि वापस लेने और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र परिसर में इकट्ठा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और छात्रों को खदेड़ा। इस दौरान तीन छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। घटना के बाद परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। राष्ट्रीय संयोजक, राज्य विश्वविद्यालय, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भारत भूषण यादव ने कहा कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में लगातार फीस बढ़ाई जा रही है, जबकि छात्रों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंपस में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और कई भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है। जिन स्थानों पर छात्र बैठते हैं, वहां छतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों से मोटी फीस वसूल रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर स्थिति बेहद खराब है। इसके साथ ही लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव भी नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है। भारत भूषण यादव ने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से कुलपति सचिवालय पहुंचे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने छात्रों के साथ सख्ती बरती। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई की गई, जिसे परिषद किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की पांच सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन करेगी। इन मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान कई प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग फीस वृद्धि को वापस लेने की रही। इसके अलावा छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्रवेश परीक्षाओं और परिणामों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने ताकि छात्रसंघ चुनाव कराए जा सकें, और भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय को पूर्ण रूप से सुचारू करने की मांग शामिल रही। परिषद ने जर्जर हो चुके पुस्तकालय भवनों की मरम्मत कराने और विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने की भी मांग उठाई।