सीकर जिले में अन्नपूर्णा रसोई में नॉनवेज पकाने का मामला सामने आया है। दोपहर में बच्चे खाना खाने पहुंचे तो रसोइए ने बच्चों को धक्का देकर भगा दिया। मामला जिले में लक्ष्मणगढ़ के अंबेडकर भवन में संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोई का है। घटना तब सामने आई जब दो बच्चे खाना खाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने तीन लोगों को रसोई में खाना बनाते हुए देखा। घटना की जानकारी मिलने पर नगर पालिका ईओ नवनीत कुमावत शाम करीब 8 बजे मौके पर पहुंचे और अन्नपूर्णा रसोई को सील कर दिया। खाना मांगने पर बच्चों को बाहर निकाला
दरअसल, रविवार दोपहर करीब 1 बजे लक्ष्मणगढ़ की कच्ची बस्ती के 15-16 साल के बच्चे अन्नपूर्णा रसोई में खाना खाने पहुंचे थे। इस दौरान रसोइया सुनील, एक बाहरी व्यक्ति धन्नाराम और एक अन्य युवक अन्नपूर्णा रसोई में मौजूद थे। बच्चों ने रसोइए से खाना मांगा तो धन्नाराम ने हाथ पकड़ कर दोनों बच्चों को बाहर निकाल दिया। बच्चों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई। इसी दौरान बच्चों ने रसोई के अंदर भगोने में नॉन-वेज पकते हुए देख लिया। बच्चों ने तुरंत दैनिक भास्कर रिपोर्टर को मामले की सूचना दी। इस पर रिपोर्टर मौके पर पहुंचा। धन्नाराम लेकर आया था नॉन-वेज
बच्चों ने आरोप लगाया- धन्नाराम काली थैली में नॉन-वेज लेकर आया था और वो ही उसे पका रहा था। धन्नाराम ने बताया- वो अंबेडकर भवन के सामने चेजे-भाटे का काम करता है और रसोई में रोजाना भोजन करने आता है। वो एक परिचित से अपने लिए और रसोई में काम करने वाले सुनील के लिए नॉन-वेज लेकर आया था। तीनों के लिए वो नॉन-वेज पका रहा था। नॉन-वेज तीन व्यक्तियों के लिए बनाया जा रहा था
रसोई में खाना बनाने वाले सुनील ने भी स्वीकार किया कि नॉन-वेज तीन व्यक्तियों के लिए पकाया जा रहा था। वहीं, रसोई में टोकन काटने वाला कर्मचारी भी अनुपस्थित मिला। रसोइए सुनील ने अपनी गलती मानी। सुनील ने बताया- रसोई में रोजाना करीब 50 लोग खाना खाने आते हैं। रविवार को मैन्यू में दाल, कढ़ी, रोटी और चावल थे। सुबह से 10-15 लोगों को भोजन दिया चुका था।