अजमेर संभाग के सबसे बड़े जेएलएन हॉस्पिटल में 33 साल के युवक का जटिल ऑपरेशन किया गया। मरीज की गर्दन में 6 स्क्रू और नस में बनी पानी की गांठ में नली डालकर लकवा ठीक किया गया। ऑपरेशन के बाद से मरीज अब स्वस्थ है। इलाज के बाद मरीज शिवजी गुज्जर ने बताया- ऑपरेशन के बाद से ऐसा लग रहा कि नया जन्म ले लिया है। ऑपरेशन के बाद से शरीर में ऐसी फुर्ती आ रही कि कल से काम पर चला जाऊं। दरअसल, मरीज के एक्सीडेंट के बाद गर्दन पर चोट लगने से शरीर में लकवा आ गया था। ऑपरेशन इतना जटिल था कि इससे मरीज की जान भी जा सकती थी। मंगलवार को इसकी जानकारी प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल सामरिया, अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे की ओर से दी गई। प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल सामरिया ने बताया- 33 साल का युवक सितंबर 2025 में जेएलएन अस्पताल में भर्ती हुआ था। 2019 में सड़क हादसे में गर्दन पर चोट आने से चारों हाथ-पैरों में लकवा आ गया था। मरीज के परिजनों द्वारा प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन हुआ। इसके बाद मरीज के कुछ सुधार आया था। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही मरीज को पुनः दोनों हाथ, पैरों और उंगलियों में लकवा की शिकायत होने लगी थी। ऑपरेशन में जान का खतरा था प्रिंसिपल ने बताया- मरीज को उसके परिजन जेएलएन अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां जांच करवाई गई। जांच में पाया कि मरीज गर्दन की नस में पानी भर जाने से नस में दबाव के कारण परेशान है। मरीज के गर्दन के पीछे चीरा लगाकर नस का बहुत जटिल ऑपरेशन करना था। ऑपरेशन इतना जटिल था कि मरीज के चारों हाथों पैरों में लकवा आने और मरीज की जान को भी खतरा था। यह ऑपरेशन पहली बार अजमेर संभाग में किया गया है। 6 स्क्रू गर्दन में फिक्स किए गए प्रिंसिपल ने बताया- अस्पताल के डॉक्टर की टीम द्वारा मरीज का ऑपरेशन किया गया। उसकी गर्दन में 6 स्क्रू लगाकर फिक्स किए गए। साथ ही नस में पानी की गांठ में नली डाली गई। ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा जिसके बाद से मरीज के हाथ पैरों की ताकत में सुधार आने लगा और मरीज अब स्वस्थ है। उपाधीक्षक डॉ अमित यादव ने बताया कि संभाग में यह पहला ऑपरेशन किया गया है। प्राइवेट हॉस्पिटल में करीब 3 लाख का खर्च आता है। जेएलएन में मां योजना निशुल्क के तहत यह ऑपरेशन किया गया। पहले सुपर स्पेशलिटी न्यूरोसर्जरी सीट आने से इस तरह के ऑपरेशन अब नियमित रूप से किए जाएंगे। न्यूरोसर्जन डॉ सुशील आचार्य ने बताया- मरीज के 14 एमएम के 6 स्क्रू और 3 सेंटीमीटर के एक नली डाली गई है। मरीज बोला-ऐसा लग रहा नया जन्म ले लिया डुमड़ा गांव निवासी शिवजी गुज्जर ने बताया- ऑपरेशन के बाद से ऐसा लग रहा कि नया जन्म ले लिया है। ऑपरेशन के बाद से शरीर में ऐसी फुर्ती आ रही कि कल से काम पर चला जाऊं। पहले चलने फिरने की कोशिश करता था तो चल नहीं पता था। थोड़ा बहुत दर्द है, लेकिन शरीर पूरा काम कर रहा है। पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। पहले मेरे दोनों हाथ नहीं उठ पा रहे थे। परिवार की जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी। चार बच्चों और पत्नी की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। बाइक से गिरने पर एक्सीडेंट हुआ था। प्राइवेट से ज्यादा सुविधा सरकारी में मिली है।