भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच जलदाय विभाग (PHED) ने जिले में पानी की बर्बादी और अवैध उपभोग को रोकने के लिए अभियान शुरू किया है। अधिशासी अभियंता (ASE) जे.के. चरण के निर्देशन में विभाग द्वारा शनिवार को 14 विशेष टीमें गठित कर एक साथ फील्ड में उतारी गईं। इन टीमों ने जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दौरा करते हुए महज एक दिन में 140 से अधिक स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर ही जनता की समस्याओं का निपटारा करते हुए खराब पड़े हैंडपंपों को सुधारा गया। ब्लॉक और कस्बों में चली चेकिंग बांसवाड़ा ब्लॉक, छोटी सरवन, गाढ़ी, अरथूना, घाटोल, गड़ी-परतापुर, बांसवाड़ा शहर, बागीदौरा ब्लॉक, सज्जनगढ़ ब्लॉक, आनंदपुरी, कुशलगढ़ ब्लॉक एवं कुशलगढ़ शहर। अधिकारियों ने बताया कि टीमें निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार आगे बढ़ीं। तय गांवों के अलावा रास्ते में आने वाले अन्य गांवों और मजरों में भी पेयजल व्यवस्था को चेक किया गया। खेर नगला, बरजडिया, जगपुरा, देलवाड़ा, लोकिया, काली मगरी, निचला घंटाला, उपला घंटाला, पीपलवा, कटूंबी, बारी, फेफर, कोटड़ा, उदेला, चरकनी, आमलीपाड़ा, जोहनिया रतनपुरा, भटवाड़ा, मोर, पंचवटी, ओझरिया, राखो, छींच, वड़लीपाड़ा, डूंगरा बड़ा, डूंगरा छोटा में टीमें गई थी। शहरी क्षेत्रों में अवैध कनेक्शन और लीकेज पर कार्रवाई ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी विभाग का सख्त रुख देखने को मिला। बांसवाड़ा शहर, परतापुर-गढ़ी और कुशलगढ़ शहरी क्षेत्र में मुख्य रूप से अवैध जल कनेक्शनों को ढूंढने और लीकेज मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर किया गया। विभाग के एसई जेके चारण ने बताया कि गर्मी के मौसम में हर नागरिक तक पीने का पानी पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पानी की बर्बादी और अवैध कनेक्शन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। आज 14 टीमों ने मुस्तैदी से काम करते हुए 140 जगहों पर विजिट कर हैंडपंप सुधारने और लीकेज बंद करने की त्वरित कार्रवाई की है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
